
जगदलपुर, छत्तीसगढ़ और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण इंद्रावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे कई निचले इलाकों और गांवों पर बाढ़ का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। बस्तर, बीजापुर और सुकमा जैसे जिलों में इंद्रावती नदी और उसके आसपास के नाले उफान पर हैं, जिससे कई ग्रामीण इलाकों का संपर्क टूट गया है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें पूरी तरह सतर्क हैं। निचले इलाकों में मुनादी कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

ओडिशा के कालाहांडी जिले में स्थित खाटीगुड़ा इंद्रावती बांध का एक गेट खोला गया है। इसके चलते अगले कुछ घंटों में इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग ने बस्तर में अगले 48 घंटों के दौरान लगातार बारिश की संभावना जताई है, जिससे नदी-नालों के जलस्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है। प्रशासन के अनुसार इंद्रावती नदी का वार्निंग लेवल 7 मीटर और डेंजर लेवल 8.3 मीटर निर्धारित है। वर्तमान में नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जलस्तर में ज्यादा वृद्धि होने की स्थिति में इंद्रावती नदी से जुड़े 43 गांव प्रभावित होने की आशंका है।
बस्तर जिले में इंद्रावती, नारंगी और मार्कण्डी नदियों के आसपास के कई गांवों को बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील चिन्हित किया गया है। प्रशासन की बाढ़ निर्देशिका के अनुसार अलग-अलग तहसीलों में संभावित प्रभावित गांवों की सूची तैयार की गई है। इंद्रावती एवं मार्कण्डी नदी में बाढ़ की स्थिति बनने पर बकावंड तहसील के तारापुर, बनियागांव, बजावंड, बेलगांव, उलनार, कोहकापाल, मालगांव, टंलनार, धोबीगुड़ा, चितालूर, कुरूसपाल और कावापाल प्रभावित हो सकते हैं। इंद्रावती नदी में बाढ़ आने की स्थिति में जगदलपुर तहसील के धनपुंजी, नगरनार, भेजापदर, नदीबोड़ना, उपनपाल, आसना, छेपड़ागुड़ा, कालीपुर, घाटपदमुर, कुम्हरावंड, बालीकोन्टा, तुरेनार, कलचा और जगदलपुर शहर में बाढ़ का असर पड़ सकता है।
इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ने पर लोहांडीगुडा तहसील के मारडूम, टाकरागुड़ा, बड़ांजी, कुम्हलीज बेनीधाराऊर, चित्रकोट, चंदेला और ककनार प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में शामिल हैं। इसी तरह बस्तर तहसील की बड़ेचकवा, पटेलपारा, पल्लारी, खोटलापाल और बड़ेअलिनार में असर पड़ सकता है। तहसील दरभा के छिंदगुर और कोलेंग प्रभावित हो सकते हैं। संभावित प्रभावित गांवों में तहसील बास्तानार के बड़े काकलूर (कुहचेवाक) भी शामिल है।
नारंगी नदी में भी बाढ का खतरा
इंद्रावती के साथ ही नारंगी नदी के जलस्तर पर भी प्रशासन की नजर है। नारंगी नदी में बाढ़ आने की स्थिति में बस्तर तहसील के कई गांव प्रभावित हो सकते हैं।






