
रायपुर, भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त सामाजिक न्याय, समान अवसर, प्रतिनिधित्व एवं आरक्षण व्यवस्था की रक्षा तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के संवैधानिक अधिकारों के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग को लेकर आज राजधानी रायपुर में जेन-ज़ी (Gen-Z) युवा वर्ग, छत्तीसगढ़ के नेतृत्व में “संवैधानिक आरक्षण बचाओ रैली” का शांतिपूर्ण एवं अनुशासित आयोजन किया गया। अंबेडकर चौक से प्रारंभ हुई इस रैली में राज्य के विभिन्न जिलों से आए युवा, विद्यार्थी, कर्मचारी, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी एवं समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हुए। रैली के माध्यम से राज्यपाल के नाम एक विस्तृत 20 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर राज्य शासन का ध्यान अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के हितों से जुड़े लंबित मुद्दों की ओर आकर्षित किया गया।
जेन-ज़ी युवा वर्ग ने कहा कि संविधान निर्माताओं ने सामाजिक रूप से वंचित एवं ऐतिहासिक रूप से पिछड़े वर्गों को सामाजिक न्याय, समान अवसर एवं सम्मानजनक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अनेक संवैधानिक प्रावधान किए हैं, किन्तु आज भी इन वर्गों से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण विषय लंबित हैं। इन्हीं विषयों के समाधान तथा संविधान प्रदत्त अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से यह रैली आयोजित की गई। रैली में उपस्थित युवाओं एवं सामाजिक प्रतिनिधियों ने कहा कि सामाजिक न्याय, शिक्षा, रोजगार, प्रतिनिधित्व, आजीविका, जनजातीय अधिकार एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सरकार को प्रभावी एवं समयबद्ध कदम उठाने चाहिए।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से मांग की गई है कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्गों के लिए पदोन्नति में आरक्षण नियम-5 को पुनः अधिसूचित कर लागू किया जाए तथा सर्वोच्च न्यायालय के अंतरिम आदेशों के अनुरूप पदोन्नति में आरक्षण तत्काल प्रभाव से प्रदान किया जाए। साथ ही विभिन्न विभागों में बिना आरक्षण रोस्टर के की जा रही पदोन्नतियों पर रोक लगाई जाए। इसके अतिरिक्त छत्तीसगढ़ लोक सेवा (अनुसूचित जाति, जनजाति एवं अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण) अधिनियम, 1994 एवं आरक्षण नियम, 1998 का पूर्ण पालन सुनिश्चित करते हुए आरक्षण रोस्टर का नियमित संधारण एवं अद्यतन किए जाने की मांग भी की गई।
ज्ञापन में राज्य गठन से अब तक लंबित बैकलॉग पदों की जानकारी सार्वजनिक करने तथा विशेष भर्ती अभियान चलाकर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के रिक्त पदों को तत्काल भरने की मांग की गई है। सामाजिक प्रतिनिधित्व को मजबूत करने के उद्देश्य से OBC वर्ग को 27 प्रतिशत तथा SC वर्ग को 13 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने की मांग भी उठाई गई। युवाओं ने कहा कि प्लेसमेंट, आउटसोर्सिंग, संविदा एवं अन्य बैकडोर भर्ती प्रक्रियाओं के माध्यम से आरक्षण व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है, इसलिए ऐसी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर आरक्षण नियमों के अनुरूप भर्ती सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही संविदा, आउटसोर्स एवं प्लेसमेंट कर्मचारियों के नियमितीकरण से पूर्व सामाजिक प्रतिनिधित्व का परीक्षण एवं मूल्यांकन किए जाने की मांग की गई।







