0 मधुमेह, उच्च रक्तचाप, अनियमित जीवनशैली तथा दर्द निवारक दवाओं का अत्यधिक उपयोग किडनी रोगों के प्रमुख कारण
रायपुर, राजधानी रायपुर के मेडिकल कालेज के आंबेडकर अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग में राज्य सरकार से अनुमति मिलते ही वयस्कों व बच्चों का किडनी ट्रांसप्लांट शुरू किया जाएगा। इसके लिए जरूरी तैयारी की जा रही है। विश्व किडनी दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें संभावित किडनी ट्रांसप्लांट पर भी चर्चा की गई।
हालांकि आधी-अधूरी सुविधा व उपकरण नहीं होने के कारण डीकेएस में किडनी ट्रांसप्लांट शुरू नहीं हो सका है। कार्यक्रम में किडनी रोग से पीड़ित मरीजों एवं उनके परिजनों को किडनी के स्वास्थ्य, रोगों की समय पर पहचान, उपचार एवं बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी गई।
ऐसे करें किडनी रोगों से बचाव
डॉक्टरों ने कहा कि मधुमेह (डायबिटीज), उच्च रक्तचाप, अनियमित जीवनशैली तथा दर्द निवारक दवाओं का अत्यधिक उपयोग किडनी रोगों के प्रमुख कारण हो सकते हैं। इसलिए नियमित जांच, संतुलित आहार, पर्याप्त पानी का सेवन, नमक का सीमित उपयोग और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर किडनी रोगों से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है। नेफ्रोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. पुनीत गुप्ता, एचओडी मेडिसिन डॉ. देवप्रिया लकड़ा, प्रोफेसर डॉ. योगेंद्र मल्होत्रा, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मनीषा खांडे व डॉ. प्राची दुबे ने मरीजों एवं उनके परिजनों को किडनी रोगों के लक्षण, समय पर जांच, उपचार तथा बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
बच्चों में भी किडनी रोगों का उपचार शुरू
कार्यक्रम में किडनी रोग उपचार सुविधाओं की जानकारी भी दी गई। अब यहां गुर्दा रोग विशेषज्ञों द्वारा बड़ों के साथ-साथ बच्चों में भी किडनी रोगों का उपचार शुरू कर दिया गया है। बच्चों के लिए डायलिसिस की सुविधा भी शुरू की जा चुकी है। बच्चों में क्रॉनिक किडनी डिजीज, ग्लोमेरुलर रोग एवं एक्यूट किडनी इंजरी जैसी बीमारियों का इलाज किया जा रहा है। वर्तमान में दो बच्चों का डायलिसिस किया जा रहा है, जिनमें से एक कांकेर तथा एक धरसींवा के निवासी हैं।






