जगदलपुर, छत्तीसगढ़ ने बस्तर फाइटर्स भर्ती नियमों में संशोधन कर स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार के इस नीतिगत बदलाव से बस्तर संभाग के लगभग 5,800 स्थानीय युवाओं के लिए सरकारी सेवा में भर्ती होने का सीधा रास्ता साफ हो गया है।
स्थानीय निवासी होने के कारण ये युवा अपनी क्षेत्रीय भाषा, संस्कृति, दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और सामाजिक परिवेश से भली-भांति परिचित हैं। इस फैसले से सुरक्षा बलों की कार्यप्रणाली में सुधार आएगा और पुलिस बल एवं स्थानीय नागरिकों के बीच आपसी समन्वय और विश्वास अधिक मजबूत होगा।
स्थानीय युवाओं के पास सुनहरा मौका
बस्तर संभाग लंबे समय से सुरक्षा और विकास की चुनौतियों से जूझता रहा है। केंद्र और राज्य सरकार की ओर से चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों के कारण क्षेत्र में विकास कार्यों को गति मिली है। बस्तर फाइटर्स जैसे विशेष सुरक्षा बल का गठन स्थानीय युवाओं को रोजगार प्रदान करने के साथ-साथ क्षेत्र में शांति स्थापित करने के उद्देश्य से किया गया था। भर्ती नियमों में स्थानीयता को प्राथमिकता देने की मांग संभाग के जन प्रतिनिधियों और ग्रामीणों द्वारा लगातार की जा रही थी।
वन मंत्री केदार कश्यप ने क्या कहा ?
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में बस्तर आज विकास, विश्वास और अवसरों के नए युग में प्रवेश कर रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। यह निर्णय केवल रोजगार देने तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भर और सुरक्षित बस्तर के निर्माण की दिशा में एक ठोस कदम है।






