BHARAT BAND; 12 फरवरी के राष्ट्रव्यापी हड़ताल और चक्का जाम में बैंककर्मी भी शामिल होंगे

0 चार नए लेबर कोड का विरोध
रायपुर, सेंट्रल ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों द्वारा आयोजित 12 फरवरी 2026 के देशव्यापी हड़ताल और चक्का जाम में बैंक कर्मी भी शामिल होंगे। खबर मिली है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में काम करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के संगठनों ने इस हड़ताल को अपना समर्थन दे दिया है। मतलब कि उस दिन बैंक भी बंद रहेंगे। बीते 27 जनवरी को भी देश भर के बैंक कर्मी हडताल पर गए थे।
हड़ताल का आह्वान
सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (CITU), ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC), इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (INTUC), हिंद मजदूर सभा (HMS), ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस (AICCTU), LPF और UTUC सहित देश के प्रमुख ट्रेड यूनियनों ने इस हड़ताल का अह्वान किया है। इसे संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) समेत किसानों के कुछ संगठनों का भी समर्थन प्राप्त है। इस हड़ताल का मुख्य कारण सरकार द्वारा पिछले नवंबर में लाए गए चार नए लेबर कोड हैं। इन लेबर कोड ने मौजूदा 29 श्रम कानूनों का स्थान लिया है। इसके अलावा, यह हड़ताल ‘कामकाजी वर्ग पर बढ़ते हमलों’ के विरोध में भी है।
बैंक कर्मचारियों के संगठन भी जुड़े
अब खबर आई है कि बैंक कर्मचारियों के सबसे बड़े संगठन ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन ने भी इसे समर्थन दे दिया है। इसके साथ ही बैंक अधिकारियों के संगठन ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA) और बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (BEFI) आदि ने भी अपने सदस्यों से इस हड़ताल में शामिल होने को कहा है। एआईबीओए के महासचिव एस. नागरंजन ने हमारे सहयोगी ईटी वेल्थ ऑनलाइन को बताया कि उनका संगठन 12 फरवरी, 2026 को होने वाली सेंट्रल ट्रेड यूनियन की हड़ताल को अपना समर्थन दे रहा है। उन्होंने बैंक अधिकारियों से भी अपील की है कि वे हड़ताल वाले दिन कोई भी क्लर्क वाला काम न करें।
बैंक अधिकारी हड़ताल पर जाएंगे
बैंक अधिकारियों के संगठन एआईबीईए, एआईबीओए और बीएफआई के महासचिवों ने अपने सदस्यों और बैंकों की इकाइयों को बीते 28 जनवरी को एक पत्र लिखा था। इसमें कहा गया है कि वे 12 फरवरी, 2026 की राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल हों। इसमें शामिल होने के कई कारण बताए गए हैं।
बीते मंगलवार को भी गए थे हड़ताल पर
बैंक कर्मचारी और अधिकारी बीते मंगलवार यानी 27 जनवरी 2026 को भी राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर गए थे। बैंक कर्मचारियों की एक और बड़ी मांग पांच दिन का कार्य सप्ताह है। वे कहते हैं कि आरबीआई, एलआईसी और शेयर बाजार जैसे अन्य बड़े वित्तीय संस्थानों में पहले से ही पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू है। बैंक कर्मचारी ही एकमात्र ऐसे हैं, जिन्हें अभी भी हर महीने के पहले और तीसरे सप्ताह में काम करना होता है। यही नहीं, जिस सप्ताह पांचवा शनिवार पड़ता है, तो वह भी इनके लिए वर्किंग होता है।




