POLITICS; नाराज नेताओं को करना पडेगा इंतजार, लोकसभा चुनाव के बाद निगम-मंडलों में होगी अध्यक्ष-सदस्यों नियुक्ति
रायपुर,भाजपा के दिग्गज नेताओं के साथ नाराज नेताओं एवंं पदाधिकारियों को अभी लोक सभा चुनाव का इंतजार करना पडेगा। लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद ही छत्तीसगढ़ में निगम, मंडल और आयोगों में नियुक्तियां शुरू होंगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार भाजपा सरकार सिर्फ उन्हीं नेताओं को निगम-मंडलों में नियुक्तियां करेगी, जिनका लोगों से सीधा सरोकार है। इसके अलावा रूठे हुए नेताओं को मनाने के लिए यह अच्छा अवसर होगा। भाजपा के जिन नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी नहीं मिली है, उन्हें निगम-मंडल में शामिल किया जा सकता है।
प्रदेश में भाजपा सरकार के गठन के बाद राज्य सरकार ने निगम, आयोग व मंडल में कांग्रेस द्वारा की गई नियुक्तियां भंग कर दी है। अलग-अलग विभागों में कांग्रेस सरकार ने अपने नेताओं की नियुक्तियां की थी। अब लोकसभा चुनाव के परिणाम के बाद नियुक्तियां करने की तैयारी है।
30 अधिक निगम-मंडलों, आयोगों में होनी है 200 नियुक्तियां
प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद इन पदों पर काबिज कांग्रेस के कुछ नेताओं ने स्वमेव इस्तीफा दे दिया था, वहीं कुछ नेता न्यायालय का दरवाजा खटखटाकर अभी भी पदों पर बने हुए हैं। प्रदेश की करीब 30 अधिक निगम-मंडलों, आयोगों में करीब 200 नियुक्तियां होनी है।बता दें कि कांग्रेस के बाद प्रदेश में भाजपा की सरकार गठित होने के बाद निगम-मंडल, आयोग और प्राधिकरण में नई नियुक्तियों का इंतजार किया जा रहा है। निगम-मंडल आयोगों के अध्यक्षों को कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी दिया जाता है। इसमें उनके वेतन-भत्ता, गाड़ी, आवास आदि की सुविधा दी जाती है। इसी तरह अलग-अलग मंडल आयोगों में सदस्यों को भी विभिन्न सुविधाओं का लाभ मिलता है। इन पदों पर ज्यादातर राजनीतिक व्यक्तियों को ही बैठाया जाता है।
स्कूल-कालेजों की समितियों में भीहोगा मनोनयन
प्रदेश के स्कूल-कालेजों में प्रबंध विकास समिति (एसएमडीसी) के पदाधिकारियों की नियुक्ति खत्म कर दी गई है। इन पदों पर अभी तक कांग्रेस के नेता पदस्थ थे, सरकार बदलते ही इन्हें हटा दिया गया है। नई समिति बनते तक स्कूल के प्रचार्य को ही फिलहाल समिति का अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। इसी तरह गांवों की विभिन्न याेजनाओं की समिति में भी भाजपा के नेताओं को जगह मिलेगी।