
रायपुर, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में छात्र-छात्राओं ने परीक्षा परिणामों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के सामने विद्यार्थियों की भारी भीड़ जुटी। छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की।
छात्रों का मुख्य गुस्सा गलत मूल्यांकन और अनिश्चितता को लेकर है। उन्होंने उत्तर पुस्तिकाओं की निष्पक्ष जांच और संशोधित परिणाम जारी करने की मांग की। इस दौरान छात्रों ने जमकर नारेबाजी की। बता दें परीक्षा परिणाम को लेकर गत दिवस कांकेर में छात्रों ने प्रदर्शन किया था 107 में से 100 छात्र फेल हो गए। इस मामले विश्वविद्यालय प्रबंधन ने अब तक दोषियों के खिलाफ कार्यवाही भी नहीं की है और न ही जिम्मेदारी तय की है। इयर बैक के कारण कई छात्रों को अगली कक्षा में दाखिला नहीं मिल रहा है।
ईयर बैक सिस्टम का विरोध
विद्यार्थियों की सबसे प्रमुख मांग ईयर बैक सिस्टम को पूरी तरह समाप्त करना है। छात्रों का कहना है कि इस नियम से उनका भविष्य अधर में लटक जाता है। विश्व विद्यालय प्रशासन को इसके लिए स्थायी नियम बनाने चाहिए। नियम स्पष्ट न होने से छात्रों को मानसिक परेशानी होती है। शैक्षणिक स्थिति साफ होने पर छात्र सही योजना बना सकते हैं। अनिश्चितता के माहौल से बचने के लिए कड़े कदम जरूरी हैं।
पढ़ेंगे और लड़ेंगे के नारे
छात्रों का कहना है कि मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। किसी भी छात्र के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। छात्रों ने एकजुट होकर अपने अधिकारों की हुंकार भरी। आंदोलन के दौरान छात्रों ने हम पढ़ेंगे और लड़ेंगे के नारे लगाए। फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। देखना होगा कि प्रशासन इन मांगों पर क्या फैसला लेता है।





