
रायपुर, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भारतीय रेलवे के तत्काल टिकटों की कालाबाजारी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश होने वाला है. रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने एक बड़े टिकट दलाल को अपनी हिरासत में लिया है, जो प्रदेश के विभिन्न आरक्षण केंद्रों में बैठकर देशभर के यात्रियों की जेब पर डाका डाल रहा था. उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, आरोपी से कड़ाई से पूछताछ जारी है और इस पूरे सिंडिकेट में रेलवे के कई रेलवे कर्मचारियों की संलिप्तता भी आरपीएफ के रडार पर आ गई है.
रेल कर्मचारियों की सांठगांठ से फल-फूल रहा है धंधा
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी प्रदेश के प्रमुख आरक्षण केंद्रों से मिलीभगत कर तत्काल टिकटें बुक कर उन्हें महंगे दामों में दूसरे राज्यों के यात्रियों को बेचता था. आरपीएफ की इस सीक्रेट स्ट्राइक से हड़कंप मच गया है. हालांकि, सुरक्षा कारणों और जांच के संवेदनशील मोड पर होने की वजह से RPF के आला अधिकारियों ने अभी आधिकारिक तौर पर कोई बयान जारी नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि जल्द RPF इस बड़े स्कैम का आधिकारिक खुलासा कर सकती है.
सालों पुराना पैटर्न
रायपुर आरक्षण केंद्र हमेशा से तत्काल टिकटों के गोरखधंधे का गढ़ रहा है. यह पहला मौका नहीं है जब रेलवे के पूरे सिस्टम पर सवाल उठे हों, इससे पहले भी रायपुर आरक्षण केंद्र में पदस्थ कई कर्मचारियों को फर्जीवाड़े और दलालों को संरक्षण देने के आरोप में रंगे हाथों पकड़ा जा चुका है. पिछले कुछ वर्षों से यहां कोई बड़ी कार्रवाई नहीं होने के कारण दलालों के हौसले बुलंद थे और वे बेखौफ होकर इस नेटवर्क को चला रहे थे.
सामान्य काउंटर परा भी दलालों का कब्जा
रायपुर रेलवे स्टेशन के सामान्य आरक्षण केंद्रों में भी दलालों का कब्जा है. सामान्य यात्री का नबर आने पर भी नंबर कोअ होल्ड कर दालालों मनचाहे ट्रेनों में बर्थ आबंटित किए जाते है। रविवार को भी दोपहर को काउंटर नंबर 4 में 116 नंबर को होल्ड कर टिकट बनाया गया। काउंटर का कर्मचारी दलाल को टिकट देने के लिए बाकी लोगों को लाइन में इंतजार करा रहा था।






