WILD LIFE; उडीसा में दंड यात्रा में सांपों के प्रदर्शनों पर प्रतिबंध, आरसीसीएफ ने सख्त निर्देश जारी किए

भुबनेश्वार, आगामी दंड यात्रा उत्सव से पहले, बरहामपुर सर्कल के क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक (आरसीसीएफ) ने सभी संभागीय वन अधिकारियों को सांस्कृतिक प्रदर्शनों के दौरान सांपों और अन्य वन्यजीवों के उपयोग के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
10 फरवरी को जारी परिपत्र में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि कुछ नाट्य समितियाँ महोत्सव के अंतर्गत आयोजित मंच नाटकों और सामाजिक नाट्यों के दौरान सरीसृपों, विशेषकर साँपों का उपयोग करती हैं। आरसीसीएफ ने कहा कि इस प्रकार की प्रथाएँ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 और बीएनएस 2023 का उल्लंघन करती हैं।

वन अधिकारियों को कड़ी निगरानी रखने और उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देश में गांवों में जागरूकता अभियान चलाने और आयोजकों को शिक्षित करने तथा प्रदर्शनों में जानवरों के उपयोग को रोकने के लिए जिला कलेक्टरों और पुलिस अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने का भी आह्वान किया गया है। परिपत्र में विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा 9, 43, 44, 48 और 49 के उल्लंघन के साथ-साथ धारा 51, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 और बीएनएस 2023 की धारा 325 के तहत दंड अपराधियों पर लागू होंगे।
अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि सांस्कृतिक परंपराओं से वन्यजीव संरक्षण या पशु कल्याण को कोई नुकसान नहीं होना चाहिए। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दंड यात्रा उत्सव कानूनी और नैतिक मानकों का पालन करते हुए जीवंत बना रहे।




