
अंबिकापुर, छत्तीसगढ़ के सरगुजा इलाके के अंबिकापुर के शिवपुर एकलव्य स्कूल की छात्राओं ने सोमवार को 20 किमी पैदल चलकर कलेक्टर को अपनी समस्या बताई थी। अब इस मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। छात्राओं की शिकायत मिलने के बाद प्रिंसिपल को हटा दिया गया है। वहीं, हॉस्टल परिसर में गंदगी की शिकायत पर वॉर्डन को नोटिस दिया गया है।
छात्राओं के 20 किमी. चलकर जाने और कलेक्टर को अपनी समस्या बताने की जानकारी सीएम विष्णुदेव साय को हुई थी। जिसके बाद सीएम साय ने कलेक्टर से फोन में बात कर मामले में कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। सीएम ने सख्त लहजे में कहा था कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है।
कलेक्टर के अनुमोदन पर मिलेगा वेतन
जांच के मद्देनजर विद्यालय के प्राचार्य ओम नारायण श्रीवास्तव को आगामी आदेश तक कार्यालय सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास अम्बिकापुर में कार्य करने के लिए आदेशित किया गया है। वहीं प्रतीक्षा त्रिपाठी को कन्या एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शिवपुर के प्राचार्य पद दिया गया है। अरविन्द अशोक तिग्गा को उनके मूल पदस्थ संस्था एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय मैनपाट के लिए कार्यमुक्त किया गया है। विद्यालय की छात्रावास अधीक्षक आयुषी सोनी को शासकीय कार्य में लापरवाही एवं उदासीनता बरतने के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके साथ ही कन्या एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शिवपुर में पदस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के वेतन का भुगतान अब कलेक्टर एवं अध्यक्ष, जिला स्तरीय समिति के अनुमोदन के बाद ही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर को फोन पर दिए जांच के निर्देश
इस मामले में सीएम विष्णुदेव साय ने कलेक्टर से फोन पर बातचीत कर जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि, बच्चियों को अपनी समस्या बताने के लिए पैदल निकलना पड़े, यह स्वीकार्य नहीं है। जिम्मेदारी तय कर लापरवाह अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को पूरे प्रकरण की जांच कर जिम्मेदारी तय करने और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि आदिवासी अंचलों के आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा तथा मूलभूत सुविधाओं को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
छात्राअओं ने समस्या बताई थी
छात्राओं ने कलेक्टर को समस्या बताते हुए कहा था कि आकाशीय विद्यालय में बिजली नहीं है, शिक्षकों की कमी, नियमित पढ़ाई, मेस तथा साफ-सफाई से जुड़ी समस्याएं हैं। इसके साथ ही प्रिंसिपल अभद्र तरीके से बात करते हैं।
क्या है मामला
दरअसल, सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड के शिवपुर स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की 30 से अधिक छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा था। सोमवार को सुबह 8 बजे छात्राएं पैदल ही कलेक्टर से मुलाकात कर स्कूल में फैली अव्यवस्था की जानकारी देने के लिए निकल पड़ी थीं। इस बात की जानकारी अधिकारियों को हुई तो उन्होंने छात्राओं को समझाने की कोशिश की लेकिन छात्राओं ने कलेक्टर से मिलकर अपनी समस्या बताने को कहा। छात्राओं की समस्या सुनने के लिए कलेक्टर ने जरूरी मीटिंग रोक दी थी।
स्कूलों की हालत खराब, बच्चे आंदोलन कर रहे – कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि सरगुजा के शिवपुर के एकलव्य विद्यालय की छात्राएं अपनी मांगों को लेकर 40 किमी पैदल चल कर कलेक्टर से मिलने निकल गयी। इनके विद्यालय में 3 माह से बिजली बंद है, मेस में ठीक से खाना नहीं मिल रहा है। शिक्षक की कमी है, पढ़ाई नहीं हो रही है। यह घटना प्रदेश की बदहाल शिक्षा व्यवस्था का एक उदाहरण है। छात्राओं को स्कूल की मूलभूत सुविधा के लिए आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ता है।प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि कमोबेश पूरे प्रदेश में स्कूलों के यही हालात है। शिक्षा सत्र शुरू हुए 4 महीना हो गया सरकार बच्चों को स्कूलों में सुविधाएं नहीं दे पा रही। अभी तक दो दर्जन से अधिक जगहों पर बच्चे, शाला भवन, किताब-काॅपी की मांग तथा शिक्षकों की कमी दूर करने की मांग को लेकर आंदोलन कर चुके है।






