
रायपुर, छत्तीसगढ़ में निजी स्कूल शुरू करने और उनकी मान्यता लेने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 7 सितंबर 2026 को नई गाइडलाइन जारी की है। नए नियम शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होंगे। नई व्यवस्था में स्कूल संचालकों को कुछ महत्वपूर्ण राहत दी गई है, वहीं विद्यार्थियों की सुरक्षा, स्कूल भवन और शैक्षणिक सुविधाओं को लेकर नियमों को अधिक स्पष्ट और सख्त किया गया है। इससे पहले निजी स्कूलों को वर्ष 2018 की गाइडलाइन के आधार पर मान्यता दी जाती थी।
नई व्यवस्था के तहत निजी स्कूल शुरू करने के लिए अब Essentiality Certificate लेना अनिवार्य नहीं होगा। इसके स्थान पर स्कूल संचालकों को मान्यता के लिए Self Certification देना होगा। इसमें स्कूल प्रबंधन को यह प्रमाणित करना होगा कि स्कूल भवन सुरक्षित है और वहां लैब, लाइब्रेरी, खेल मैदान सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही योग्य शिक्षकों की नियुक्ति और विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े जरूरी इंतजाम होने की जानकारी भी देनी होगी।हालांकि, Self Certification में यदि गलत जानकारी दी गई और बाद में इसका खुलासा हुआ तो स्कूल की मान्यता निलंबित या रद्द की जा सकती है। इसके अलावा स्कूल पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
नई गाइडलाइन में स्कूल संचालकों को Corpus Fund को लेकर भी राहत दी गई है। अब निजी स्कूलों के लिए न्यूनतम Corpus Fund रखना अनिवार्य नहीं होगा। स्कूल प्रबंधन को केवल यह बताना होगा कि स्कूल संचालन और शिक्षकों-कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए उसके पास पर्याप्त आर्थिक व्यवस्था है। इसके साथ ही प्रत्येक शैक्षणिक सत्र समाप्त होने के तीन महीने के भीतर ऑडिट रिपोर्ट जमा करना अनिवार्य होगा।
ऑनलाइन होगी मान्यता की पूरी प्रक्रिया
निजी स्कूलों की नई मान्यता के लिए आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह आनलाइन कर दिया गया है। स्कूल के अधिकृत अधिकारी को माध्यमिक शिक्षा मंडल के पोर्टल पर आवेदन करना होगा। मान्यता की फीस भी ऑनलाइन जमा की जाएगी। नई व्यवस्था के तहत हाईस्कूल और हायर सेकंडरी की मान्यता एक साथ नहीं दी जाएगी। पहले स्कूल को हाईस्कूल की मान्यता लेनी होगी। इसके बाद ही प्लस-टू यानी हायर सेकंडरी की मान्यता के लिए आवेदन किया जा सकेगा।निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करना जरूरी होगा। देरी से आवेदन करने पर लेट फीस का प्रावधान भी रखा गया है।
विद्यार्थियों का नजदीकी सरकारी स्कूलों में होगा स्थानांतरण
माध्यमिक शिक्षा मंडल ने स्पष्ट किया है कि जिन निजी स्कूलों के पास मान्यता नहीं होगी, वे कक्षा 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं संचालित नहीं कर सकेंगे। यदि किसी स्कूल की मान्यता समाप्त हो जाती है तो वहां अध्ययनरत विद्यार्थियों को नजदीकी सरकारी स्कूलों में स्थानांतरित किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने से बचाने की व्यवस्था की गई है।






