
IAS मनोज पिंगुआ ने प्रदेश में तैयारियों की दी जानकारी…
रायपुर, बंगाल की खाड़ी में उठने वाले चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के खतरों के देखते हुए राज्यों में तैयारियों को लेकर भारत सरकार के केबिनेट सचिव डॉ. टी.वी. सोमनाथन ने आज सभी राज्यों के मुख्य सचिवों से चर्चा की. उन्होंने इस दौरान व्यापक इंतजाम के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए है।
”बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा दबाव चक्रवात ‘अर्नब’ में तब्दील हो गया है और इसके 27 अक्टूबर तक अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान में बदलने और 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका है। इस दौरान हवा की अधिकतम निरंतर रफ्तार 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि हवा की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है।
बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव विकराल रूप लेते हुए आज (सोमवार, 26 अक्तूबर को) चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ (Cyclone Arnab) में तब्दील हो गया है। इसके 27 अक्टूबर तक अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान में बदलने और अगले दिन सुबह आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका है। इसे देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा के दक्षिणी तटीय क्षेत्रों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। IMD के ताजा राष्ट्रीय बुलेटिन के अनुसार, सोमवार सुबह साढ़े पांच बजे चक्रवात बंगाल की खाड़ी के मध्य-पूर्वी और उससे सटे मध्य-पश्चिमी हिस्से में केंद्रित था। पिछले छह घंटों के दौरान यह 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ा।

छत्तीसगढ़ राज्य से यहां मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ ने राज्य में चक्रवाती तूफान से निपटने के लिए राज्य में जा रही तैयारियों की विस्तार से जानकारी दी। अपर मुख्य सचिव पिंगुआ ने छत्तीसगढ़ राज्य की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। दक्षिण बस्तर क्षेत्र में 28 अक्टूबर को भारी वर्षा की आशंका को देखते हुए आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य में सात राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमें आवश्यक उपकरणों के साथ तैयार हैं।
होमगार्ड तथा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमें भी आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार हैं। उन्होंने बताया कि संभावित प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविरों, स्वास्थ्य सुविधाओं, खाद्य सामग्री, परिवहन तथा संचार व्यवस्था से संबंधित आवश्यक तैयारियां की गई हैं। जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत शिविर संचालित करने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।राज्य शासन द्वारा जनहानि को रोकने तथा आपात परिस्थितियों में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक सावधानियां बरती जा रही हैं।
बैठक में कैबिनेट सचिव ने राज्यों में चक्रवात के दौरान शून्य जनहानि के लक्ष्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने पेड़ों के गिरने, दीवारों के ढहने तथा यातायात के दौरान लोगों के असावधानीवश जोखिम में पड़ने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सतर्कता बरतने कहा।उन्होंने प्रभावी चेतावनी प्रणाली, आवश्यकता के अनुसार समय पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा राज्य शासन और जिला प्रशासन के बीच नियमित संवाद एवं समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।







