WORKSHOP; डिप्टी कमांडर डॉ.रजनीकांत सिंह ने कहा-कानून का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि एक सुरक्षित कार्यसंस्कृति का निर्माण करना भी है

0 यौन उत्पीड़न पर एक दिवसीय कार्यशाला , डॉ. रत्ना नशीने ने कहा-“अधिकारों का दुरुपयोग न करें, जागरूक बनें”
नारायणपुर, लिंगो मुढ़ियाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, नारायणपुर में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन कर कार्यास्थल पर सकारात्मक और जागरूक वातावरण का निर्माण करने के संकल्प के साथ हुआ।
मुख्य वक्ता के रूप में 45वीं आईटीबीपी बटालियन जेलबाड़ी, एड़का के डिप्टी कमांडर डॉ. रजनीकांत सिंह ने बेहद प्रभावशाली एवं व्यावहारिक शैली में अधिनियम की विस्तृत जानकारी देते हुए POSH Act के प्रमुख प्रावधानों, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया, आंतरिक शिकायत समिति (ICC) की भूमिका तथा कानूनी अधिकारों एवं दायित्वों को सरल एवं स्पष्ट रूप में समझाया। उन्होंने बताया कि कार्यस्थल पर किन-किन व्यवहारों को यौन उत्पीड़न माना जाता है तथा पीड़ित को बिना किसी भय के अपनी बात रखने का पूर्ण अधिकार है।

केस स्टडी के माध्यम से विषय को और अधिक व्यावहारिक बनाते हुए उन्होंने संस्थानों की जिम्मेदारी पर भी जोर दिया। सुरक्षित, सम्मानजनक एवं निष्पक्ष कार्य वातावरण सुनिश्चित करना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। जागरूकता के अभाव में कई बार पीड़ित न्याय से वंचित रह जाते हैं, जबकि सही जानकारी एवं समय पर पहल से न्याय सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि “कानून का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि एक सुरक्षित और गरिमामय कार्यसंस्कृति का निर्माण करना भी है।”

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय की डीन डॉ. रत्ना नाशिने ने अपने उद्बोधन में कहा कि “POSH Act महिलाओं को सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्यस्थल प्रदान करने का एक सशक्त माध्यम है, परंतु इसके साथ यह भी आवश्यक है कि हम अपने अधिकारों का दुरुपयोग न करें। जागरूकता, संवेदनशीलता और संतुलित सोच ही वास्तविक सशक्तिकरण का आधार है।”कार्यशाला में प्रतिभागियों ने अपने प्रश्नों के माध्यम से विषय की गहराई को समझा। इस संवादात्मक सत्र ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बना दिया।
कार्यशाला का संचालन एवं आभार प्रदर्शन महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. नवीन मरकाम द्वारा किया गया। कार्याशाला को सफल बनाने में सहायक प्राध्यापक डॉ. नवनीत, डॉ. पुष्पराज, डॉ. विवेक, डॉ. राज सेंगर, डॉ. मदन कुर्रे एवं डॉ. पुष्पेन्द्र का विशेष सहयोग रहा। साथ ही स्वयंसेवक भावेश, कुनाल अग्रवाल, गौरव, देव निराला, रीता बघेल की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को सफल बनाया। अंत में सभी प्रतिभागियों को यह संकल्प दिलाया गया कि वे अपने-अपने कार्यस्थल एवं समाज में सुरक्षित, सम्मानजनक एवं जागरूक वातावरण के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। 

  • Narayan Bhoi

    Narayan Bhoi is a veteran journalist with over 40 years of experience in print media. He has worked as a sub-editor in national print media and has also worked with the majority of news publishers in the state of Chhattisgarh. He is known for his unbiased reporting and integrity.

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