रायपुर, प्रदेश में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना में घालमेल का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब 102 करोड़ का ठेका लेने वाली पटना की कंपनी एनएनटी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड को ब्लैक लिस्टेड किया गया है। मल्टी विलेज सिस्टम में कार्यरत इस कंपनी ने ठेका लेने के लिए फर्जी दस्तावेज लगाए थे। कंपनी ने आठ निविदाओं में भाग लिया था। इनमें उसे 102 करोड़ रुपये के काम मिले थे। काम शुरू करने से पहले ही कंपनी का फर्जीवाड़ा सामने आ गया।
बता दें कि प्रदेश में अब तक लगभग 2,000 करोड़ का काम पाने वाली 15 ठेका कंपनियों को ब्लैक लिस्टेड किया जा चुका है।जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश में अब तक 1,084 ठेकेदारों को नोटिस, 122 अनुबंधों का निरस्तीकरण, 15 ठेका कंपिनयों को ब्लैक लिस्टेड घोषित करने, 110 पानी टंकियों के अमानक कार्यों के विध्वंशीकरण, 1,634 नल के अमानक बने चबूतरे तोड़ने, 12 बाउंड्रीवाल पंप हाउस का कार्य तोड़ने और 9,234 मीटर अमानक लगी पाइपों को उखाड़कर बदलने का काम किया गया है।
न केवल निविदा की प्रक्रिया बल्कि सामग्री सप्लाई को लेकर भी गड़बड़ी सामने आने के बाद महासमुंद जिले के कार्यपालक अभियंता शंकर धकाते और बिलासपुर के कार्यपालक अभियंता एसके चंद्रा को निलंबित भी किया जा चुका है। प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत 49 लाख 92 हजार 661 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन दिए जाने के विरुद्ध वर्तमान में 28 लाख 86 हजार 245 घरेलू नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं।







