ISAPM;मूक प्राणियों के हितों की रक्षा करना मनुष्य का कर्तव्य, कृषि महाविद्यालय में मना आईएसएपीएम स्थापना दिवस - thepatrakar
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ISAPM;मूक प्राणियों के हितों की रक्षा करना मनुष्य का कर्तव्य, कृषि महाविद्यालय में मना आईएसएपीएम स्थापना दिवस

नारायणपुर,  इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय अंतर्गत लिंगों मुदियाल कृषि महाविद्यालय एवम अनुसंधान केंद्र की राष्ट्रीय सेवा योजना एवम इंडियन सोसाइटी ऑफ एनिमल प्रोडक्शन मैनेजमेंट के संयुक्त तत्वावधान में गत दिवस आईएसएपीएम के 40वें स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया गया । इसमें मूक प्राणी पशुओं के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उनकी हितों की रक्षा करने पर जोर दिया गया।

लिंगों मुदियाल कृषि महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ रत्ना नशीने के दिशा निर्देश में आयोजित पांच दिवसीय समारोह की शुरुआत  28 जुलाई से की गई जिसके अंतर्गत ग्रामीणों एवम विद्यार्थियों हेतु विभिन्न प्रतियोगिताएं व कार्यक्रम किए गए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवम सामान्य जनता को पशु पर होने वाली क्रूरता की जानकारी प्रदान करने के साथ साथ पशु कल्याण हेतु जागरूक करना रहा है। कार्यक्रम के अंतर्गत ग्रामीणों एवम विद्यार्थियों को किसानों की आमदनी दुगुनी करने हेतु समन्वित कृषि प्रणाली में पशुओं की महत्ता, पशुधन उत्पादन, पशु उत्पाद से पोषण सुरक्षा, पशुपालन से आर्थिक सुरक्षा, पशुओं के उचित रख रखाव एवम प्रबंधन के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कृषि विज्ञान केंद्र केरलापाल के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ दिब्येंदु दास एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में पशुचिकित्सा सहायक शल्यज्ञ डॉ दीपेश रावतेमौजूद रहे। सहायक प्राध्यापक डॉ नीता मिश्रा ने मंच संचालन करते हुए बताया कि आईएसएपीएम राष्ट्रीय स्तर के 40 वर्ष पुरानी संस्था है जो लगातार पशुओं के उचित प्रबंधन एवम उत्पादन हेतु शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, प्राध्यापको, विद्यार्थियों एवम सामान्य जनता को विभिन्न सम्मेलन एवम आयोजनों के माध्यम से जागरूक करते आ रहे है। वर्तमान समय में इस संस्था से भारत एवम विदेश के लगभग 1700 वैज्ञानिक, प्राध्यापक, मैदानी अधिकारी लाइफ मेंबर के रूप में जुड़े हुए है।

विशिष्ठ अतिथि डॉ रावते ने बताया कि मनुष्य अपनी जरूरत की पूर्ति हेतु पशुओं का मशीनों की तरह दोहन कर रहा है किंतु पशु एक जीवित मूक प्राणी है और उनके संरक्षण, बचाव एवम कल्याण की जिम्मेदारी मनुष्य को दी गई है। इसलिए अगर हम पशुओं से अधिकाधिक उत्पादन की अपेक्षा करते है तो हमारा कर्तव्य है कि हम सभी अपने आसपास विद्यमान पशुओं के हित की रक्षा करे।

विद्यार्थियों हेतु आयोजित भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों सुश्री कौशल्या यादव, हितू वर्मा, नूपुर बर्मन, रश्मि बघेल, प्रीति संगीले, प्रतिभा साहू, तामेश्वर, धनीराम एवम फर्स्ट ईयर से सुश्री खुशबू, मंथन, सुभम वैष्णव,अमन ने पशु कल्याण विषय पर भाषण एवम कविता के माध्यम से अपने विचार व्यक्त किए। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर सुश्री खुशबू, द्वितीय स्थान पर हितु वर्मा एवम तृतीय स्थान पर नूपुर बर्मन को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में  डॉ खेमलता ठाकुर, डॉ राजू कोर्राम, डॉ कृष्ण गुप्ता, डॉ किशोर मंडल एवं अन्य उपस्थित रहे।

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