RALLY;जल-जंगल-जमीन बचाने के साथ आदिवासियों के संवैधानिक आरक्षण पर भी नारे लगे,पारंपरिक वेश-भूषा में निकली रैली

0 विश्व आदिवासी दिवस समारोह में आदिवासी समाज, सर्व समाज हुए शामिल
बलौदाबाजार, सर्व आदिवासी समाज जिला इकाई बलौदाबाजार के तत्वावधान में इस वर्ष भी समस्त आदिवासी संगठन, समस्त महासभा, चक अध्यक्ष, सगा समाज, अधिकारी, कर्मचारी की अगुवाई मे जिला स्तरीय विश्व आदिवासी दिवस समारोह का आयोजन गत दिवस जिला ऑडिटोरियम बलौदाबाजार में किया गया। रैली निकालकर शांति सत्भवना का आदिवासी संस्कृति वेश भूषा परम्परा के साथ आदिवासी समाज ने अपनी धैर्य और साहस का परिचय दिया,
जंहा 5 ब्लॉक बलौदाबाजार,सिमगा, पलारी, कसडोल, भाटापारा, के ब्लॉक अध्यक्ष, मुख्य प्रभाग, महिला प्रभाग, युवा प्रभाग एवं जिला के 4 महासभा, चक अध्यक्ष, अधिकारी, कर्मचारी एवं विभिन्न महासभा के लगभग 754 ग्राम और अन्य जिला से भी हजारों की संख्या मे सगा समाज, सर्व समाज के लोग अपनी वेश भूषा मे शामिल हुए।। कार्यक्रम का शुभारम्भ सर्वप्रथम बड़ादेव/बूढादेव की पूजा अर्चना के पश्चात प्रारम्भ हुआ। इसके बाद रैली जिला आडिटोरियम भवन से अम्बेडकर चौक,गार्डन चौक, बस स्टैंड होते हुये पुन: आडिटोरियम भवन पहुची! आदिवासी पारम्परिक नृत्य सुवा, कर्मा, अखरा दलों की मनमोहक प्रस्तुति के साथ रैली निकाली गयी, जनसभा में दूर दराज से आये हुये सगा समाज को वृक्षारोपण हेतु पौधो का वितरण किया गया,
राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने 17 छात्र-छात्राओं और उत्कृष्ट कार्य किये समाज के लोगो का सम्मान किया। मंत्री टंक राम वर्मा एवं गौरीशंकर अग्रवाल पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने अपने उद्धबोधन में कहा कि मानव सभ्यता के सबसे प्राचीन लोगों में आदिवासियों की गिनती होती है. आदिवासियों की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन पद्धति हजारों साल पुरानी है. मानव सभ्यता में मौजूद कृषि, शिकार, हस्तशिल्प, आयुर्वेद चिकित्सा जैसी चीजें इसी समाज की देन है, बावजूद इसके आदिवासी समाज और उनकी पहचान पर सवालिया निशान लगे हुए हैं. विश्व आदिवासी दिवस से मौके पर यह समझना जरूरी है कि आदिवासियों के मुद्दे क्या है।
युवा प्रभाग के प्रदेश अध्यक्ष ने अपने उद्बोधन में कहा कि आदिवासियों का सबसे बड़ा मुद्दा है पदोन्नति में आरक्षण, जल-जंगल-जमीन।आदिवासी समाज सामूहिकता में जीता है और इसी वजह से उनके सारे रीति-रिवाज समाज आधारित हैं, चाहे जन्म हो, मृत्यु् हो या फिर कोई पर्व-त्योहार. आदिवासी समाज के लोगों की अपनी भाषा, संस्कृति है. वे अपने पारंपरिक पहनावे को पसंद करते हैं और उनका खान-पान भी अलग है. उनकी धार्मिक मान्यताएं भी अलग है. आदिवासियों का एक ही मुद्दा है जल-जंगल और जमीन सीधे-सीधे कहें तो धरती. इसी मुद्दे के इर्द-गिर्द उसके जीवन की सारी बातें घूमती हैं,
कार्यक्रम में मुख्य रुपसे , भूपेंद्र ध्रुवंशी जिलाध्यक्ष, कमलेश ध्रुव प्रदेश उपाध्यक्ष, विनोद नागवंशी प्रदेश सचिव, सुभाष परते, प्रदेश अध्यक्ष युवा, श्रीमती आकांक्षा जायसवाल जिला पंचायत अध्यक्ष, आंनद यादव,अशोक जैन,श्रीमती सुलोचना यादव, जनपद अध्यक्ष विजय केशरवानी, राकेश ध्रुव, रवि ध्रुव, रामचंद्र ध्रुव, बंशीलाल नेताम, टेकसिंह ध्रुव, शिवसिंह नेताम, भागबली, लक्ष्मण पैकरा, शत्रुहन नेताम, प्रताप नाग, वेदराम बरिहा, राजेंद्र दीवान ,मनोहर सिँह, ध्रुव कुंजल सिँह दीवान,,बी एल ध्रुव, डॉ एल एस ध्रुव, शिवकुमार कंवर, सुरेश कुमार पैकरा, शिव गोंड, लखन लाल सोनझरी, श्याम लाल पारधी उपाध्यक्ष भानू ध्रुव चंद्रभानुसिंह पैकरा सचिव थानू ध्रुव कोषाध्यक्ष अभय लाल ध्रुव सह सचिव दसरथ ध्रुव दयाराम ध्रुव ब्लॉक अध्यक्ष डॉ बी एस ध्रुव उपाध्यक्ष यू के नागवंशी युवा अध्यक्ष संतोष ध्रुव दुलार पैकरा अजय ध्रुव महिला प्रभाग अंजू ध्रुव सचिव राधा ध्रुव सुनीता ध्रुव ब्लॉक अध्यक्ष पार्वती मण्डावी प्रेमीन ध्रुव सचिव पदमिनी ध्रुव जिला उपाध्यक्ष आशा ध्रुव जल बाई पैकरा, अनामिका ठाकुर,अजय ध्रुव, दशरथ ध्रुव, राजकुमार, पुना राम मंडावी, केशव कुंजाम,दीवान रामानुज ध्रुव, कैलाश ध्रुव, सिंगर कांशी ध्रुव बिंदु पैकरा, रिखी पोर्ते कमलेश ध्रुव भानु ध्रुव मौजूद थे.