0 छात्रों को भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहने और दूतावास के संपर्क में रहने की हिदायत
नई दिल्ली, ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने खाड़ी देशों (Gulf Countries) को भीषण संघर्ष के मुहाने पर खड़ा कर दिया है. ईरान की तरफ से दुबई, अबू धाबी और कतर जैसे प्रमुख केंद्रों पर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है. इन हमलों का सीधा असर न केवल ग्लोबल इकोनॉमी और तेल आपूर्ति पर पड़ा है, बल्कि वहां रहने वाले लाखों विदेशी नागरिकों और छात्रों की सुरक्षा पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है.
खाड़ी के ये शहर शांति और विलासिता के लिए जाने जाते थे. लेकिन अब युद्ध की लपटों और सायरन की आवाजों से गूंज रहे हैं. भारतीय समुदाय के लिए यह स्थिति बहुत चिंताजनक है. यूएई और कतर भारतीय छात्रों के लिए शिक्षा के बडे हब बनकर उभरे हैं. दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और कतर के सैन्य ठिकानों के आसपास हुए धमाकों ने वहां पढ़ रहे छात्रों के बीच भय का माहौल बना दिया है. शिक्षा मंत्रालय और भारतीय दूतावास वहां की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है.
ईरान के निशाने पर कौन-कौन से शहर?
ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी के उन देशों को निशाना बनाया है, जहां अमेरिकी सैन्य बेस मौजूद हैं. मुख्य रूप से नीचे लिखी जगहों पर हमले रिपोर्ट किए गए हैं:
दुबई (यूएई): पाम जुमेराह और दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास मिसाइल गिरने और ड्रोन इंटरसेप्ट होने की खबरें हैं. अबू धाबी (यूएई): जायद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास हमले में हताहतों की सूचना मिली है. दोहा (कतर): अल उदेद (Al Udeid) एयरबेस, जो क्षेत्र का सबसे बड़ा अमेरिकी सैन्य अड्डा है, वहां कई मिसाइलें दागी गईं. कुवैत और बहरीन: यहां भी हवाई अड्डों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है.
भारतीय छात्र यूएई क्या पढ़ने जाते हैं?
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) वर्तमान में भारतीय स्टूडेंट्स के लिए दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गंतव्य बन चुका है.
छात्रों की संख्या: आंकड़ों के अनुसार, यूएई में लगभग 2,53,832 भारतीय छात्र हैं. क्या पढ़ रहे हैं: इनमें से ज्यादातर स्टूडेंट्स (करीब 2.47 लाख) स्कूली शिक्षा (K-12) प्राप्त कर रहे हैं. 6,500 से अधिक छात्र उच्च शिक्षा के लिए दुबई इंटरनेशनल एकेडमिक सिटी और शारजाह यूनिवर्सिटी सिटी जैसे कैंपस में हैं. प्रमुख कोर्सेज: यहां भारतीय स्टूडेंट्स मुख्य रूप से बिजनेस मैनेजमेंट, डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), और इंजीनियरिंग (STEM) जैसे विषयों की पढ़ाई कर रहे हैं. बिट्स पिलानी (BITS Pilani) और एमिटी जैसी कई भारतीय यूनिवर्सिटीज के कैंपस भी यहां एक्टिव हैं.
कतर में कितने भारतीय हैं और क्या पढ़ने जाते हैं?
कतर में भी भारतीयों की बड़ी आबादी रहती है, जिनमें काफी स्टूडेंट्स शामिल हैं.
- छात्रों की संख्या: कतर में लगभग 49,346 भारतीय छात्र रजिस्टर्ड हैं.
- शिक्षा के केंद्र: कतर की एजुकेशन सिटी में दुनिया के कई बेहतरीन विश्वविद्यालयों (जैसे जॉर्जटाउन, नॉर्थवेस्टर्न) के कैंपस हैं. यहां के छात्र इंटरनेशनल रिलेशंस, पत्रकारिता और मेडिकल की पढ़ाई के लिए जाने जाते हैं. हमलों के बाद यहां की सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है. इस जंग का स्टूडेंट्स पर क्या असर होगा?
हमलों के कारण यूएई और कतर ने अपना एयरस्पेस (वायुक्षेत्र) बंद कर दिया है, जिससे उड़ानों का आवागमन पूरी तरह ठप है.
- परीक्षाओं में बाधा: मार्च का समय परीक्षाओं का होता है, ऐसे में हवाई अड्डों पर हमलों और सुरक्षा अलर्ट ने शैक्षणिक सत्र को प्रभावित किया है.
- मानसिक दबाव: युद्ध जैसी स्थिति के कारण हॉस्टल में रहने वाले छात्रों और उनके परिवारों में भारी तनाव है.
- लॉजिस्टिक्स समस्या: भोजन और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होने का डर है.
भारतीय विदेश मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी कर छात्रों को भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहने और दूतावास के संपर्क में रहने के लिए कहा है. संकट की स्थिति के लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं.





