0 महिलाओं और विद्यार्थियों को जंक फूड के दुष्प्रभाव, पोषण की कमी से उत्पन्न रोगों एवं सुरक्षित भोजन निर्माण की वैज्ञानिक जानकारी देकर स्वास्थ्य जागरूकता को किया गया सशक्त
नारायणपुर, समाज में स्वास्थ्य जागरूकता को नई दिशा देते हुए लिंगो मुदियाल कृषि महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. रत्ना नाशीने द्वारा चलाए जा रहे पोषण एवं आहार जागरूकता अभियान ने व्यापक प्रभाव डाला है। उनके सतत प्रयासों से कृषि महाविद्यालय एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई के माध्यम से स्कूल के बच्चों, महिलाओं एवं कॉलेज के विद्यार्थियों में संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति उल्लेखनीय जागरूकता विकसित हो रही है।
इस अभियान के अंतर्गत डॉ. नशीने द्वारा निरंतर प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन कर जंक फूड के दुष्प्रभाव, पोषक तत्वों की कमी से होने वाले रोग जैसे एनीमिया, कमजोरी, कुपोषण तथा भोजन बनाते समय बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाती है। उन्होंने सरल भाषा और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि किस प्रकार गलत खान-पान धीरे-धीरे गंभीर बीमारियों को जन्म देता है, जबकि संतुलित और स्वच्छ आहार स्वस्थ जीवन की आधारशिला है।
प्रशिक्षण कार्यक्रमों में विशेष रूप से यह बताया जा रहा है कि रोजमर्रा के भोजन में विटामिन, प्रोटीन, आयरन एवं मिनरल्स का संतुलन कितना आवश्यक है, तथा घर पर ही उपलब्ध साधारण खाद्य पदार्थों से पोषण को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है। इसके साथ ही, भोजन तैयार करते समय स्वच्छता, सही विधि और पोषक तत्वों को सुरक्षित रखने की तकनीकों पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
डॉ. नशीने ने बताया कि नारायणपुर जिला मुख्यालय एवं आसपास के इलाकों में इन प्रयासों का प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। बच्चों में जंक फूड के प्रति आकर्षण कम हुआ है, महिलाओं में परिवार के पोषण स्तर को लेकर जागरूकता बढ़ी है, तथा युवाओं में स्वस्थ खान-पान को अपनाने की सकारात्मक प्रवृत्ति विकसित हुई है। उनके पोषण अभियान ने न केवल खान-पान की आदतों में सुधार लाया है, बल्कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति एक सशक्त और स्थायी जागरूकता भी स्थापित की है। यह पहल एक स्वस्थ और जागरूक समाज के निर्माण की दिशा में अत्यंत प्रभावशाली एवं प्रेरणादायी सिद्ध हो रही है।
बता दें दिसम्बर 2025 में जिला परियोजना लाइवलीहूड कॉलेज, नारायणपुर (गरांजी) में स्थित पुनर्वास केन्द्र में हुई कार्यशाला में डॉ. नशीने द्वारा आत्मसमर्पित नक्सलियों को भी खाद्य पदार्थों के विभिन्न समूहों एवं संतुलित आहार का महत्व, पोषण संबंधी आवश्यकताओं पर विस्तारपूर्वक प्रशिक्षण प्रदान किया गया था।







