रायपुर, रेलवे स्टेशन दुर्ग पर चेकिंग के दौरान डुप्लीकेट एमएसटी रेल टिकट बनाने वालों को रेलवे वाणिज्य विभाग के अधिकारियों द्वारा पकड़ा गया है। दुर्ग में आयोजित टिकट चेकिंग के दौरान श्रीमती प्रिया, वरिष्ठ टिकट एग्जामिनर दुर्ग के द्वारा डुप्लीकेट एमएसटी का मामला पकड़ा है। दुर्ग स्टेशन पर टिकट जांच के दौरान अधिकारियों ने शंकराचार्य कॉलेज के छात्र कुलदीप बिश्नोई, यू ओंकार, अखिलेश साहू, राहुल साहू को पकड़ा है। इन चारों छात्रों को आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए दुर्ग आरपीएफ के सुपुर्द किया गया है।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को टिकट चेकिंग स्टाफ ने यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप के माध्यम से एमएसटी टिकट की इमेज का दुरुपयोग करते हुए डुप्लीकेट एमएसटी बनाकर यात्रा करने वाले संदिग्धों को पकड़ा। किलाबंदी टिकट चेकिंग के दौरान एक यात्री के पास डुप्लीकेट एमएसटी टिकट पाई गई। जिसकी गहनता से जांच करने पर वह टिकट डुप्लीकेट निकली।
अधिकारियों द्वारा पूछताछ के दौरान मिली जानकारी से प्लानिंग करके अन्य साथियों को भी पकड़ा गया। जांच के दौरान शंकराचार्य कॉलेज के चार छात्र इस धोखाधड़ी में संलिप्त पाए गए। मुख्य आरोपी कुलदीप ने स्वीकार किया कि उसने फर्जी टिकट तैयार किया जिसे उसने अपने दो साथियों के साथ साझा किया जिन्होंने आगे इसे अन्य लोगों तक प्रसारित किया है। छात्रों ने अधिकारियों को बताया कि हर्ष नामक एक साथी इन फर्जी टिकट को अन्य यात्रियों को बेचने में संलिप्त था, हालांकि हर्ष अभी पकड़ में नहीं आया है।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक के निर्देश पर सहायक वाणिज्य प्रबंधक (कोचिंग) अविनाश कुमार आनंद, मुख्य वाणिज्य निरीक्षक जितेंद्र प्रसाद, टाटा बाबू राव, अभिजीत डे, डिविजनल सीटीआई ए. जेना और सीटीआई जयंत बाघ एवं चेकिंग स्टाफ ने संदिग्ध व्यक्तियों से गहनता से पूछताछ की।
रेल प्रशासन यात्रियों से अनुरोध किया है कि वह रेलवे टिकट काउंटर अथवा स्वयं यू टी एस ऑन मोबाइल का उपयोग कर टिकट बनाएं ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन का उपयोग करें। यात्री टिकट सुविधा केंद्र से टिकट ले, रेल वन ऐप का उपयोग करें। संदिग्ध व्यक्तियों से टिकट/ एमएसटी न खरीदें। उक्त चारों छात्रों को हर्ष के संबंध में उपलब्ध विवरण सहित आगे की आवश्यक कार्रवाई हेतु RPF/दुर्ग को सुपुर्द कर दिया गया हैं।







