रायपुर, अफसरों की कमी से जूझ रहे वन मुख्यालय छत्तीसगढ में अगले महीने फिर से चार आईएफएस अधिकारी कम हो जाएंगे। इस माह जुलाई के अंत में चार अफसर सेवानिवृत्त हो रहे है। इसमें वरिष्ठ अधिकारी प्रेम कुमार, अनिल कुमार साहू, आलोक तिवारी एवं राजेश चंदेले शामिल है। प्रेम कुमार वन विकास निगम के एमडी है,जबकि अनिल कुमार साहू लघु वनोपज संघ के एमडी है। बहरहाल अगले महीने वन मुख्यालय भी बदला-बदला नजर आयेगा। कुछ अफसर इधर से उधर हो सकते है। रायपुर वृत से भी कुछेक अफसरों को स्थानांतरित करने की खबर है।
बता दें दो महीने पहले ही अरुण पांडे पीसीसीएफ बने है। चार अफसरों की सेवानिवृत्ति के बाद वन मुख्यालय में वरिष्ठ अफसरों की बेहद कमी महसूस की जा रही है। तेंदूपत्ता संघ और वन विकास निगम भले ही वन विभाग से अलग और स्वतंत्र विंग है लेकिन दोनों जगह एमडी के पद पीसीसीएफ रैंक के हैं। दोनों संस्थाओं में एमडी (प्रबंध निदेशक) के पद खाली हो जाएंगे। नियमानुसार इन पदों पर पीसीसीएफ स्तर के अधिकारियों की नियुक्ति होती है, लेकिन विभाग में 30 वर्ष की अनिवार्य सेवा अवधि पूरी करने वाले पात्र अधिकारियों की कमी की स्थिति बन रही है।
ओपी यादव के बाद एक भी आईएफएस ऐसे नहीं हैं जिनकी सेवा के 30 साल पूरे हो चुके हैं। ऐसे में सरकार को इन दोनों पदों पर प्रभारी व्यवस्था का सहारा लेना पड़ेगा। यानी 30 साल से कम सेवा वाले अफसरों को प्रभारी एमडी बनाना पड़ेगा। श्रीमती संजीता गुप्ता सबसे वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल हैं। उनके बाद अमरनाथ प्रसाद, प्रणीता पॉल और राजेश पॉल का नाम आता है। अमरनाथ प्रसाद वर्तमान में शासन में सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, जबकि प्रणीता पॉल और राजेश पॉल दूसरे राज्यों में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ हैं।
5 आईएफएस प्रतिनियुक्ति पर
5 आईएफएस अफसर अभी डेप्युटेशन पर दूसरे विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इनमें राजू अगासी मनी प्रदूषण निवारण मंडल में और विवेक आचार्य संस्कृति विभाग के एमडी हैं। जबकि तीन अफसर राजेश कल्लौजे, प्रणीता दास बंगलुरु में और सोमा दास पश्चिम बंगाल में पद हैं।







