नईदिल्ली, देश भर में पेपर लीक के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। धर्मेंद्र प्रधान ने खुद अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट करके इस्तीफे की जानकारी दी है। अपने पोस्ट में उन्होंने लंबा लेख लिखा और कहा कि, उन्होंने काभी अपनी जिम्मेदारी से मुह नहीं मोड़ा। वहीं धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब इस आंदोलन के सूत्रधार कॉकरोच जनता पार्टी(CJP) ने भी प्रतिक्रिया दी है।

CJP प्रमुख अभिजीत दिपके शिक्षा मंत्री प्रधान के इस्तीफे की खबर सुनते ही खुशी से झूम उठे। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि, हमने कर दिखाया। दिपके ने कहा कि, पिछले एक महीने से लोग कहते थे कि ये सरकार झुकने वाली नहीं है… क्या कर रहे हो ? आगे उन्होंने कहा कि, हर कोई झुकता है झुकाने वाला चाहिए। उन्होंने कहा कि, ये लोकतंत्र की जीत है।
दो और मांगे रखी
दिपके ने आगे कहा कि, हम कॉकरोच है इतनी आसानी से नहीं जाएंगे। उन्होंने सरकार को अपनी दो मांगे याद दिलाते हुए कहा कि नीट पेपर लीक की वजह से आत्महत्या करने वाले छात्रों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए और उन पुलिस वालों पर कार्रवाई कड़ी जाए जिन्होंने छात्रों पर बल प्रयोग किया था।
कल CJP ने दावा किया था कि सरकार ने आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपए मुआवजा और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस वापस लेने पर सहमति दी है। अभिजीत ने कहा, ‘हमनें तो एक मंत्री का इस्तीफा ले लिया तो तुम लोग क्या चीज हो। छात्रों पर केस वापस होने चाहिए। भईया ये लोकतंत्र है। मुझे एक महीने से लोग कहते थे क्या कर रहे हो कब तक बेठोगे। ये इस्तीफा नहीं देंगे। ये मनमानी सरकार है। मगर हमने कर दिखाया।’
भागवत के बयान के 4 घंटे बाद आया प्रधान का इस्तीफा
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार सुबह दिल्ली में एक कार्यक्रम में कहा था, ‘हम मनमानी करेंगे, शक्ति से सबके मालिक बनेंगे, ऐसा नहीं हो सकता।’ भागवत ने कहा था- आज की नई पीढ़ी बहुत सारे सवाल पूछती है। हमें आदेश देने की बजाय उनसे बातचीत करनी चाहिए। उन्हें हर बात के पीछे का तर्क समझाना चाहिए, न कि आदेश देना चाहिए। संवाद के जरिए ही उन्हें सही दिशा दिखाई जा सकती है। भागवत का बयान आने के 4 घंटे बाद ही धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया।







