0 नगर पंचायत मोहला-मानपुर की अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह जैन के प्रकरण की सुनवाई के दौरान विशेष व्यवस्था
रायपुर, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में आज नवा रायपुर स्थित टीआरटीआई सभाकक्ष में उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति की बैठक में हंगामा हो गया हुई। इसके चलते पुलिस बुलानी पडी। पुलिस पहरे में ही प्रकरणों की सुनवाई हई। नगर पंचायत मोहला-मानपुर की अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह जैन के प्रकरण की सुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण बैठक स्थल पर घुस गए। हंगामे के बीच व्यवस्था एवं सुनवाई की प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस बल तैनात किया गया।
बैठक में जैसे ही नगर पंचायत मोहला-मानपुर की अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह जैन की जाति के प्रकरण की सुनवाई शुरु हुई ,वैसे ही बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुच गए। इससे अफरा-तफरी शुरु हो गई। आक्रोशित भीड को देखते हुए व्यवस्था एवं सुनवाई की प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस को बुलाया गया। उच्च स्तरीय समिति के अध्यक्ष सोनमणि बोरा से ग्रामीणों के मुलकात के बाद भीड शांत हो गई,लेकिन पुलिस की मौजूदगी में आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए समिति ने प्रकरण की सुनवाई पूरी की। समिति ने सभी पक्षों को सुनने और निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रकरण पर विचार करने की कार्रवाई की।
बैठक में जाति प्रमाण-पत्रों से संबंधित कुल 12 प्रकरण सुनवाई एवं विचारार्थ प्रस्तुत किए गए। समिति ने सभी प्रकरणों में उपलब्ध अभिलेखों, पक्षकारों द्वारा प्रस्तुत अभ्यावेदनों तथा संबंधित तथ्यों का परीक्षण करते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। समिति के समक्ष सुनवाई के लिए प्रस्तुत 06 प्रकरणों में पद्मभूषण काशी, संयुक्त संचालक, संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास, रायपुर; श्रीमती सोमवती कोल, पूर्व सरपंच; सुश्री संचिता रानी मंडल, प्रधान पाठक; श्रीमती लक्ष्मी ठाकुर, पर्यवेक्षक, महिला एवं बाल विकास विभाग; सुश्री हास्य प्रभा अंगारे, स्टेनोग्राफर तथा नगर पंचायत मोहला-मानपुर की अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह जैन का प्रकरण शामिल था। इन प्रकरणों में जाति प्रमाण-पत्र धारकों एवं शिकायतकर्ताओं को समिति के समक्ष उपस्थित होने का अवसर दिया गया। समिति द्वारा दोनों पक्षों को सुनते हुए उनके अभ्यावेदनों को अभिलेख पर लिया गया।
इसके अतिरिक्त समिति के समक्ष रविन्द्र कुमार वासनिक, सहायक ग्रेड-01; श्री वासुदेव चौहान, जोन कमिश्नर; सुश्री अंजु कुमारी; जीवन लिव्हिंगस्टन, सहायक ग्रेड-02; श्रीमती हेमलता भंसारे, स्टेनोटायपिस्ट तथा लक्ष्मी नारायण महतो, प्रवर अधीक्षक के कुल 06 प्रकरण भी विचारार्थ प्रस्तुत किए गए। समिति द्वारा इन प्रकरणों में उपलब्ध अभिलेखों एवं तथ्यों का परीक्षण किया गया। बैठक में कुल 12 प्रकरणों में से ’’06 प्रकरणों पर आदेश पारित किए जाने तथा 02 प्रकरणों को नस्तीबद्ध किए जाने’’ के निर्देश दिए गए। शेष 04 प्रकरणों में से 01 प्रकरण में जाति प्रमाणित करने संबंधी आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने, 01 प्रकरण में कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने तथा 01 प्रकरण में पुलिस निरीक्षक को एक माह के भीतर अन्वेषण प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। वहीं 01 प्रकरण भारत सरकार स्तर पर विचाराधीन होने के कारण वहां से निर्णय प्राप्त होने तक लंबित रखने के निर्देश दिए गए।
उच्च स्तरीय समिति की बैठक में संचालक लोक शिक्षण संचालनालय एवं सदस्य ऋतुराज रघुवंशी, संचालक भु-अभिलेख एवं सदस्य विनित नंदनवार, टीआरटीआई की संचालक एवं सदस्य सचिव श्रीमती हीना अनिमेष नेताम, सहायक अनुसंधान अधिकारी डॉ. अनिल वीरूलकर, सहायक संचालक श्रीमती रमा उइके उपस्थित थे।







