कला-साहित्य

CAMPAIGN; डॉ. नशीने ने कहा-नशा केवल एक व्यक्ति को ही नहीं, पूरे समाज को प्रभावित करता है…

0 कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र में नशा मुक्ति जागरूकता अभियान 2026 का आयोजन

नारायणपुर, लिंगो मुदियाल कृषि महाविद्यालय की अधिष्ठाता एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रत्ना नशीने ने अपने संबोधन में कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज की संरचना को प्रभावित करता है। नशे की लत से स्वास्थ्य हानि, मानसिक तनाव, आर्थिक संकट, पारिवारिक कलह, अपराध प्रवृत्ति तथा सामाजिक अस्थिरता जैसी अनेक समस्याएँ उत्पन्न होती हैं। विशेष रूप से युवा वर्ग यदि नशे की चपेट में आ जाए, तो देश का भविष्य भी प्रभावित होता है। इसलिए समय रहते जागरूकता, शिक्षा और सामुदायिक सहयोग के माध्यम से इस बुराई को रोकना अत्यंत आवश्यक है।

डॉ. रत्ना नशीने यहां नशा मुक्ति जागरूकता अभियान 2026 के तहत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल संदेश देना ही नहीं, बल्कि लोगों के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाना भी है। कार्यक्रम में ‘स्वस्थ तन- सुरक्षित मन, उज्ज्वल बने भविष्य का धन’ आदि नारे लगाए जा रहे थे।

लिंगो मुदियाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, केरलापाल–नारायणपुर में नशा मुक्त समाज के निर्माण के उद्देश्य से एक व्यापक नशा मुक्ति जागरूकता अभियान 2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं एवं ग्रामीण समुदाय को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना तथा स्वस्थ, सुरक्षित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। यह अभियान महाविद्यालय की अधिष्ठाता एवं रा एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रत्ना नशीने के मार्गदर्शन में संचालित किया गया।

इस जनजागरूकता अभियान में महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के 60 से ज्यादा स्वयंसेवकों ने आसपास के ग्राम बिंजली, पालकी, ब्रेहबेड़ा, खैराभाट एवं नारायणपुर शहर में व्यापक स्तर पर जनसंपर्क, दीवार लेखन एवं संदेश अभियान चलाया । अभियान के अंतर्गत सार्वजनिक स्थलों, स्कूल परिसरों, पंचायत भवनों एवं प्रमुख मार्गों की दीवारों पर नशा मुक्ति से संबंधित प्रेरणादायक स्लोगन, संदेश एवं चेतावनी पंक्तियाँ लिखी गईं, ताकि आमजन का ध्यान इस गंभीर सामाजिक समस्या की ओर आकर्षित हो सके।

स्वयंसेवकों ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर नशा छोड़ने के उपाय, परामर्श केंद्रों की जानकारी तथा स्वस्थ जीवनशैली के लाभ भी बताया। विद्यार्थियों ने लोगों को यह समझाया कि नशा छोड़ना कठिन अवश्य है, परंतु असंभव नहीं — दृढ़ संकल्प, परिवार का सहयोग और सामाजिक समर्थन से इसे पूरी तरह छोड़ा जा सकता है।

अभियान के दौरान स्वयंसेवकों ने रैली, समूह चर्चा और जनसंवाद के माध्यम से भी संदेश प्रसारित किया। स्थानीय नागरिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाजहित में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय प्रयास बताया। महाविद्यालय प्रशासन ने भविष्य में भी ऐसे जनकल्याणकारी कार्यक्रम निरंतर संचालित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

Related Articles

Back to top button