मनाली, हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में दर्दनाक हादसा हुआ है, जहां एक कार 500 फीट गहरी खाई में गिर गई। इस हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई है, जिसमें छत्तीसगढ़ के भिलाई के 4 लोग भी शामिल है। सभी बेंगलुरु से हिमाचल घूमने आए थे और साच पास में बर्फबारी का नजारा देखने जा रहे थे। इसी दौरान ये हादसा हुआ। घटना बैरागढ़-सच पास-किलर रोड पर शुक्रवार देर रात घटी लेकिन स्थानीय लोगों को इस बारे में शनिवार शाम को ही पता चल पाया. चंबा के चुराह विधानसभा से भाजपा के विधायक हंसराज ने बताया कि बचाव अभियान चलाया गया लेकिन खाई गहरी होने और खराब मौसम की वजह से शव नहीं निकाले जा सके.
पुलिस से मिली जानकारी में पता चला था कि कोलकाता और बंगलूरू से घूमने आए दो बच्चों समेत आठ पर्यटक और टैक्सी चालक लापता हो गए थे. आशंका जताई जा रही थी कि साच पास-जोत मार्ग पर करीब 500 फीट गहरी खाई में उनकी गाड़ी हादसे का शिकार हो गई थी. बाद में यह आशंका सच साबित हुई.
जानकारी के अनुसार, वाहन सवार आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. कालाबन के समीप पर्यटकों से भरी एक बोलेरो गहरी खाई में गिरी थी.पुलिस से मिली जानकारी में पता चला था कि कोलकाता और बंगलूरू से घूमने आए दो बच्चों समेत आठ पर्यटक और टैक्सी चालक लापता हो गए थे. आशंका जताई जा रही थी कि साच पास-जोत मार्ग पर करीब 500 फीट गहरी खाई में उनकी गाड़ी हादसे का शिकार हो गई थी. बाद में यह आशंका सच साबित हुई.
दरअसल, भिलाई मरोदा के अरविंद चन्द्राकर और अपनी पत्नी प्राची चन्द्राकर समेत परिवार के साथ कुछ सालों से बैंगलोर में रह रहे थे। वे बैंगलोर से ही हिमाचल घूमने गए थे। शुक्रवार दोपहर उन्होंने डलहौजी से एक टैक्सी बुक की थी, जिसमें 8 लोग सवार थे। इसके बाद वे साच पास जोत क्षेत्र की ओर रवाना हुए थे। देर रात वाहन सड़क से नीचे गहरी खाई में गिर गया। खाई बेहद गहरी और सीधी होने के कारण वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस हादसे में पति अरविंद चन्द्राकर, पत्नी प्राची चन्द्राकर और उनके दो बच्चों समेत 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे का खुलासा तब हुआ जब टैक्सी देर रात तक डलहौजी वापस नहीं लौटी। वाहन मालिक को आशंका हुई तो उसने जीपीएस लोकेशन चेक की। लोकेशन कालावन क्षेत्र के पास एक ही जगह पर स्थिर दिखाई दे रही थी। काफी देर तक कोई हलचल नहीं मिलने पर स्थानीय स्तर पर तलाश शुरू की गई।शनिवार दोपहर बाद वाहन के खाई में गिरने की जानकारी मिली, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई। वहीं मोबाइल नेटवर्क नहीं होने से रेस्क्यू टीम और प्रशासन के बीच संपर्क बनाए रखने में भी परेशानी हुई
रविवार सुबह पुलिस, प्रशासन और स्थानीय लोगों ने मिलकर बड़े स्तर पर रेस्क्यू अभियान चलाया। खाई की गहराई और कठिन परिस्थितियों को देखते हुए लोगों ने ह्यूमन चेन बनाई और रस्सियों की मदद से एक-एक कर शवों को ऊपर सड़क तक पहुंचाया। कई घंटे तक चले अभियान के बाद सभी 8 शव खाई से बाहर निकाल लिए गए।







