रायपुर, छत्तीसगढ के दुर्ग जिले में अफीम उगाने वाले बीजेपी नेता विनायक के भाई के अवैध दुकान पर बुलडोजर चला। बृजेश ताम्रकार ने गांव की 32 डिसमिल जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया था। 20 साल पुराने इस कब्जे को पुलिस बल की मौजूदगी में हटाया गया। मामला जेवरा-सिरसा चौकी क्षेत्र का है।

दुर्ग जिले में अफीम उगाने वाले बीजेपी नेता विनायक ताम्रकार के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। उसके भाई बृजेश ताम्रकार की 20 साल पुरानी अवैध दुकान हटाई गई। वहीं, विनायक के खेत से अब तक 65 हजार किलोग्राम अफीम फसल जब्त कर लिया गया है। बीजेपी नेता विनायक ताम्रकार के खेत में अफीम को उखाड़ने के बाद अब खेत में लगे मक्के के फसल को भी पुरी तरह उजाड़ा जा रहा है। पूरे खेत को खाली किया जा रहा है।
अन्य शासकीय जमीन में अवैध कब्जें की होगी जांच
नायब तहसीलदार क्षमा यदु ने कहा कि 32 डिसमिल जमीन पर तार घेरकर कब्जा किया गया था। जिसे आज हटाया गया है। राजस्व की टीम अन्य अवैध कब्जे की भी जांच कर रही है।
20 साल से अवैध जमीन पर कब्जा था
विनायक के भाई बृजेश ताम्रकार की समोदा गांव में 32 डिसमिल जमीन पर पिछले 20 साल से अवैध कब्जा था। जिसमें उसने दुकान बना लिया था। वह बिल्डिंग मटेरियल बेचा करता था। ग्रामीणों ने बताया कि साल 2013 में इसे तोड़ने का आदेश दिया गया था, लेकिन अब तक नहीं टूटा। 10 मार्च 2026 को अवैध कब्जे पर बुलडोजर चला।
ग्रामीण बोले- दुकान कई साल से अवैध थी
ग्रामीण नीरज ने कहा कि मैनें पुलिस और मीडिया वालों को अफीम का खेत दिखाया था। इसलिए विनायक और उसके भाई बृजेश ताम्रकार ने मेरे साथ मारपीट की थी। ये दुकान भी अवैध है ।ग्रामीणों ने पुलिस की बुलडोजर कार्रवाई को सही बताते हुए आरोपी विनायक और भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। समोदा गांव में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार के भाई की दुकान में अतिक्रमण की कार्रवाई के दौरान आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। लोग इस दौरान मोबाइल से वीडियो बनाते रहे। पुलिस और अफसरों की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाया जा रहा है।
4 ट्रैक्टर अफीम बरामद
बता दें कि दुर्ग जिले के समोदा और झेनझरी गांव में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार के खेत से अफीम के पौधे उखाड़ लिए गए हैं। पुलिस ने 4 ट्रैक्टर फसल जब्त किया है। अब इसे नष्ट करने की तैयारी की जा रही है। ऐसे में पर्यावरण विभाग से अनुमति मांगी गई है, परमिशन मिलते ही अफीम को नष्ट कर दिया जाएगा। मामला जेवरा सिरसा पुलिस चौकी क्षेत्र का है। पुलिस ने करीब 5 एकड़ 62 डिसमिल जमीन पर लगी अफीम की फसल को पूरी तरह उखाड़ दिया है, जिनका कुल वजन लगभग 62 हजार किलो है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 7 करोड़ 88 लाख रुपए आंकी गई है। फसल को चार ट्रैक्टर में भरकर सुरक्षित स्थान पर रखा गया है।
जांच में यह भी सामने आया है कि अफीम के खेत की सुरक्षा के लिए शिवनाथ नदी की ओर लगी फेंसिंग में गेट के पास करंट वाले तार जोड़े गए थे। इसका मकसद खेत में किसी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश को रोकना था। खेत के बाहर सामने की ओर सुरक्षा के लिए बाउंसर भी तैनात किए गए थे।
जमीन मालिक महिलाओं के बयान दर्ज
पुलिस जांच में सामने आया कि जिस जमीन पर अफीम की खेती हो रही थी, वह प्रीतिबाला और मधुमती ताम्रकार के नाम पर दर्ज है। दोनों महिलाएं रिश्ते में विनायक ताम्रकार की बहन बताई जा रही हैं। पुलिस ने दोनों के बयान भी दर्ज किए हैं। महिलाओं ने अफीम की खेती की जानकारी होने से इनकार किया है। उनका कहना है कि विनायक ताम्रकर उन्हें खेत में जाने तक नहीं देता था। फिलहाल, पुलिस मामले में फरार आरोपियों तलाश में जुटी हुई है।







