रायपुर, छत्तीसगढ़ में एक पेड़ मां के नाम पर 4 करोड़ पौधे सालभर में रोपे गए. इसके साथ ही प्रदेश भर में बड़े पैमाने पर भी वृक्षारोपण किया गया है. यही वजह है कि वृक्षारोपण में छत्तीसगढ़ तीसरे नंबर पर देशभर है, लेकिन एक आंकड़ा यह भी है कि पेड़ों की कटाई में छत्तीसगढ़ सातवें नंबर पर है. यह बातें भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने सोमवार को विधानसभा में वन एवं जलवायु परिवर्तन, सहकारिता, परिवहन विभाग के अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान कही.
चंद्राकर ने अधिक से अधिक वृक्षारोपण कराने पर वन विभाग को बधाई देने के साथ वन क्षेत्रफल में आई कमी पर चिंता भी जाहिर की. अजय चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस सरकार में 7 हजार हेक्टेयर वन क्षेत्रफल की कमी आई थी, लेकिन बीते एक वर्ष में एक हजार हेक्टेयर वनों की कमी होना बताया गया है. यह चिंताजनक है. यही नहीं, छत्तीसगढ़ क्षेत्रफल में घटना और बढ़ना भी हुआ, यह आश्चर्यजनक है. ऐसा कैसे हो सकता है!
उन्होंने यह भी कहा कि जंगल सफारी में विशेषज्ञों की कमी है. इसे दूर किया जाना चाहिए. प्रदेश में हाथी-मानव द्वंद भी बढ़ा है. हाथियों की लगातार मौत की खबरें आते रहती है. इसे रोका जाना चाहिए. इसी तरह से टाईगर रिजर्व भी बढ़ रहा है, लेकिन बाघों की मौत चिंताजनक है. बाघों के संरक्षण के लिए विशेष काम करने की आवश्यकता है. वेटलैंड में ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है. सेमीनार से कहीं अधिक काम जमीन पर होना चाहिए. जागरूकता की कमी है उसे बढ़ाना चाहिए. सिर्फ भाषणों से काम नहीं चलेगा, धरातल पर आना होगा.
इस दौरान अजय चंद्राकर ने वन मंत्री से बांध के टापू में बने सरकारी रिसोर्ट को तोड़ने की मांग भी की. उन्होंने वन्यप्राणियों की रक्षा और जांच के लिए पशु चिकित्सा सेटअप बनाने की मांग की. परिवहन विभाग पर बोलते हुए चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ सड़क दुर्घटना का केंद्र बनते जा रहा है. इसे रोकने की दिशा में काम करने की आवश्यकता है. अभी राष्ट्रीय हाइवे के बीच सेंटर में एक अत्याधुनिक ट्रामा बनाया जाना चाहिए. इससे त्वरित लाभ दुर्घटनाग्रस्त लोगों को सहायता मिल सकेगी.





