रायपुर, जनजातीय संस्कृति और विरासत के संरक्षण तथा जनजातीय अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर अपनी अमिट छाप छोड़ी है। भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (CG TRTI) को उसके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रशंसा प्रमाण-पत्र (Certificate of Excellence) से सम्मानित किया गया है।
यह सम्मान ओडिशा के भुवनेश्वर में 07 और 08 जुलाई 2026 को देश के जनजातीय अनुसंधान संस्थानों (TRTs) के सुदृढ़ीकरण के लिए आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के समापन सत्र में प्रदान किया गया। कार्यशाला में देश के 29 राज्यों के जनजातीय अनुसंधान संस्थानों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। इस दो दिवसीय कार्यशाला में भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री जुएल उराव, राज्य मंत्री दुर्गादास उइके, नीति आयोग के सदस्य बाला सुब्रमणियम, ओडिशा सरकार के आदिमजाति विकास विभाग के मंत्री नित्यानंद गोंड तथा भारत सरकार की जनजातीय कार्य मंत्रालय की सचिव श्रीमती रंजना चोपड़ा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
*छत्तीसगढ़ दल ने दर्ज कराई सक्रिय सहभागिता
छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा के मार्गदर्शन और निर्देशन में छत्तीसगढ़ के दल ने इस राष्ट्रीय कार्यशाला में सक्रिय भूमिका निभाई। छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व संस्थान की संचालक हिना अनिमेष नेताम, संयुक्त संचालक श्रीमती गायत्री नेताम, सहायक अनुसंधान अधिकारी डॉ. अनिल विरूलकर एवं योगेन्द्र निषाद ने किया।
जनजातीय संस्कृति का संरक्षण
कार्यशाला के समापन अवसर पर मंच से भारत सरकार की जनजातीय कार्य मंत्रालय की सचिव श्रीमती रंजना चोपड़ा ने छत्तीसगढ़ आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान को जनजातीय संस्कृति और विरासत के संरक्षण तथा जनजातीय अनुसंधान एवं विकास के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली संस्था के रूप में यह प्रशंसा प्रमाण-पत्र सौंपा।







