
रायपुर, छत्तीसगढ़ में वन्यजीव तस्करी मामले में सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। आज दोपहर प्रेस वार्ता में वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि बस्तर में वन्यजीव बाघ के खाल की तस्करी के मामले की जांच CBI से कराई जाएगी। इसके लिए छत्तीसगढ़ वन विभाग की ओर से मामले की जांच CBI को सौंपने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
बता दें मामला यह मामला इंद्रावती टाइगर रिजर्व क्षेत्र में वन्यजीव तस्करी से जुड़ा है, जहां कार्रवाई के दौरान बाघ की खाल के साथ तस्करों की गिरफ्तारी की गई थी। प्रारंभिक जांच में इस पूरे नेटवर्क के तार दूसरे राज्यों से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। माना जा रहा है कि तस्करी में अलग-अलग राज्यों के गिरोह सक्रिय हो सकते हैं। इस गिरोह के कम से कम 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें महाराष्ट्र के पुलिस जवान, पूर्व नक्सली सदस्य शामिल बताए गए है।

अलग-अलग राज्यों के गिरोह की आशंका
मंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि इंद्रावती टाइगर रिजर्व क्षेत्र में हुई गिरफ्तारियों के बाद वन विभाग की जांच में तस्करी के बड़े नेटवर्क की आशंका सामने आई है। अधिकारियों को संदेह है कि यह केवल स्थानीय स्तर पर संचालित गिरोह नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों से जुड़े संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। इसी को देखते हुए मामले की गहराई से जांच और पूरे नेटवर्क तक पहुंचने के लिए CBI जांच की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है।
वन विभाग तैयार कर रहा प्रस्ताव
वनमंत्री केदार कश्यप के बयान के बाद पीसीसीएफ अरुण पांडे ने बताया कि मामले को CBI को सौंपने के लिए प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। CBI जांच होने पर वन्यजीव तस्करी के नेटवर्क, आरोपियों के संपर्क, संभावित अंतरराज्यीय कनेक्शन और तस्करी के पूरे चैनल की पड़ताल की जा सकेगी। फिलहाल वन विभाग की कार्रवाई और प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया जल्द पूरी होअ जाएगी । CBI को जांच सौंपे जाने के बाद इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
अपनी गलतियों का पल्ला झाड़ने CBI जांच करा रही सरकार : कांग्रेस
वन्य प्राणियों के संरक्षण के लिए सीबीआई जांच को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा है कि सरकार अपनी गलतियों का पल्ला झाड़ने के लिए सीबीआई जांच की बात कर रही है। सीबीआई तो केवल संबंधित मामले की जांच करेगी, लेकिन हमारा जंगल जो 7 राज्यो से घिरा हुआ है। उसे संरक्षित करने के लिए वन अमले को अपने दायित्व का निर्वहन करना होगा। सीबीआई आकर हमारे वन्य जीवों की रक्षा तो नहीं करेगी। हमारे राज्य के वन मंत्री को क्या करना है और क्या नहीं करना है, ये ही समझ नहीं आ रहा है।







