मुम्बई, नीट यूजी 2026 के रिजल्ट को लेकर उठे विवाद अब बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंच गए हैं. तीन छात्रों ने अपने स्कोर में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया है. मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को छात्रों की ओरिजनल OMR शीट अदालत में पेश करने का आदेश दिया है. साथ ही केंद्र सरकार और NTA से पूरे मामले पर जवाब भी मांगा गया है.
हाईकोर्ट ने NTA और केंद्र सरकार को जारी किया नोटिस
जस्टिस नितिन सूर्यवंशी और जस्टिस अभासाहेब शिंदे की बेंच ने मामले को गंभीर मानते हुए NTA और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है. अदालत ने निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई के दौरान तीनों छात्रों की ओरिजिनल OMR शीट और संबंधित रिकॉर्ड कोर्ट में पेश किए जाएं. सरकार की ओर से पेश डिप्टि सॉलिसिटर जनरल अजय तल्हार ने भी बताया कि NTA को सभी ओरिजनल डॉक्यूमेंट तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यह याचिकाएं छत्रपति संभाजीनगर की ऋचा प्रफुल्ल देशपांडे, बीड जिले के सोहम नितिन गावटे और धुले जिले के अथर्व जगताप ने दाखिल की हैं. तीनों छात्रों का दावा है कि उनकी OMR शीट और आधिकारिक आंसर-की के आधार पर जो अंक बनते हैं, वे NTA द्वारा जारी स्कोरकार्ड से मेल नहीं खाते. इसलिए उन्होंने अपनी ओरिजनल OMR शीट की जांच कराने और सही परिणाम जारी करने की मांग की है.
ऋचा देशपांडे ने क्या लगाया आरोप?
याचिका में कहा गया है कि ऋचा देशपांडे ने 13 जुलाई को NTA पोर्टल पर अपनी स्कैन की गई OMR शीट देखी, जो उनके प्रदर्शन के अनुरूप थी. लेकिन 15 जुलाई को ईमेल के जरिए भेजी गई OMR शीट पोर्टल पर उपलब्ध शीट से अलग थी. छात्रा ने रिजल्ट घोषित होने से पहले ही NTA से शिकायत की, लेकिन कथित तौर पर कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद 16 जुलाई को परिणाम जारी कर दिया गया. अब छात्रा ने अदालत से ओरिजमल OMR शीट की जांच और सही परिणाम जारी करने की मांग की है.
522 की जगह मिले सिर्फ 95 मार्क्स!
बीड जिले के सोहम नितिन गावटे ने भी अदालत में दावा किया है कि उनकी OMR शीट और आधिकारिक आंसर-की के अनुसार उन्हें 522 अंक मिलने चाहिए थे. लेकिन स्कोरकार्ड में केवल 95 मार्क्स दर्ज किए गए. याचिका के अनुसार, छात्र ने 17 से 19 जुलाई के बीच कई बार NTA को ईमेल कर इस गलती की जानकारी दी, लेकिन उसे कोई जवाब नहीं मिला.
597 की जगह स्कोरकार्ड में दिखे केवल 45 मार्क्स
धुले जिले के अथर्व जगताप ने भी अपने परिणाम को चुनौती दी है. उनके वकील के मुताबिक, ईमेल से मिली OMR शीट के आधार पर छात्र के 597 अंक बनते हैं, जबकि स्कोरकार्ड में केवल 45 अंक दर्ज किए गए हैं. इतना ही नहीं, याचिका में दावा किया गया है कि स्कोरकार्ड में दर्ज आंसर के आधार पर भी कम से कम 61 अंक बनने चाहिए थे. इसके बावजूद कथित गलती को NTA ने ठीक नहीं किया.
30 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
मामले की अगली सुनवाई अब 30 जुलाई को होगी. इस दिन NTA को तीनों छात्रों की ओरिजनल OMR शीट और अन्य संबंधित रिकॉर्ड बॉम्बे हाईकोर्ट के सामने पेश करने होंगे. अदालत इन्हीं डॉक्यूमेंट्स की जांच के आधार पर आगे की सुनवाई करेगी. ऐसे में इस मामले पर छात्रों और अभिभावकों की नजरें अब 30 जुलाई की सुनवाई पर टिकी हैं.







