बिलासपुर, छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में कोरोना काल में स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने वाले कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि निजी संस्था के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग में काम करने वाले भी नई भर्तियों में बोनस अंक पाने के हकदार होंगे। कोर्ट ने इस संबंध में शासन को निर्देश देते हुए एक याचिकाकर्ता को 60 दिनों के भीतर नियुक्ति देने का आदेश दिया है।
फार्मासिस्ट भर्ती को लेकर आया फैसला
मामला फार्मासिस्ट पद पर भर्ती से जुड़ा है, जिसमें याचिकाकर्ता सुनील कुमार मरकाम ने आवेदन किया था। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान जय अम्बे इमरजेंसी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड की मोबाइल यूनिट के माध्यम से बीजापुर जिले के भैरमगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सेवाएं दी थीं। भर्ती प्रक्रिया के दौरान जारी प्रारंभिक सूची में याचिकाकर्ता को 10 बोनस अंक दिए गए थे। लेकिन बाद में अंतिम चयन सूची में यह अंक हटा दिए गए, जिससे उनका चयन प्रभावित हुआ।
सर्कुलर का हवाला देकर रोका गया लाभ
अंतिम सूची में सर्कुलर (7 दिसंबर 2021) का हवाला देते हुए कहा गया कि बोनस अंक केवल सरकारी, अर्द्धसरकारी, निगम या विभाग में कार्यरत कर्मचारियों को ही दिए जाएंगे। इसी आधार पर याचिकाकर्ता को बोनस अंक से वंचित कर दिया गया।
हाईकोर्ट ने माना- निजी संस्था के कर्मी भी पात्र
हाईकोर्ट ने इस मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि कोरोना जैसे आपातकालीन समय में निजी संस्था के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले कर्मचारियों के योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। ऐसे कर्मियों को भी समान रूप से बोनस अंक का लाभ मिलना चाहिए।







