
रायपुर, प्रदेश में स्वाइन फ्लू (इन्फ्लूएंजा-ए एच1एन1) का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के 31 अगस्त तक के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष अब तक प्रदेश में स्वाइन फ्लू के 152 मरीज मिल चुके हैं। इनमें 38 मरीज वर्तमान में सक्रिय हैं, जिनका उपचार चल रहा है। रायपुर संक्रमण के मामले में सबसे आगे है। जिले में अब तक 66 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है, जबकि आठ मरीज अभी सक्रिय हैं। रायपुर के बाद दुर्ग और बिलासपुर में संक्रमण का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है। दोनों जिलों में अब तक 17-17 मरीज मिल चुके हैं। दुर्ग में आठ और बिलासपुर में छह मरीज वर्तमान में सक्रिय हैं।
रायगढ़-कोरबा में भी सक्रिय मरीज
रायगढ़ में 10 मरीज मिले हैं, जिनमें तीन सक्रिय हैं। कोरबा में नौ में से चार और धमतरी में नौ में से एक मरीज का उपचार चल रहा है। इसके अलावा बस्तर और बेमेतरा में तीन-तीन तथा कांकेर, राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा और सरगुजा में दो-दो मरीज मिले हैं। बालोद, बलौदाबाजार, महासमुंद और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में एक-एक सक्रिय मरीज दर्ज हैं।
पैनिक होने की जरूरत नहीं- स्वास्थ्य मंत्री
इसको लेकर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का बयान सामने आया है। उनका कहना है कि पैनिक होने की जरूरत नहीं हैं। जिला अस्पताल मेकाहारा में जांच की पूरी व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में स्वाइन फ्लू के अब तक 152 मरीज सामने आए हैं, जिनमें 114 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 38 मरीज एक्टिव हैं। वहीं कोरोना के भी दो मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोरोना से निपटने के लिए पहले लगे डोज़ेस की वजह से शरीर में पर्याप्त इम्यून पॉवर बनी हुई है। जिला अस्पताल मेकाहारा में जांच की पूरी व्यवस्था की गई है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि स्वाइन फ्लू या कोरोना के लक्षण नजर आते ही किसी तरह की लापरवाही न करें और तत्काल अस्पताल पहुंचकर जांच और इलाज करवाएं।






