HOSTEL;बुक कवर नहीं देने पर 15 छात्रों की निर्मम पिटाई,डर के भागे दो बच्चों ने खोला राज, अधीक्षक अनजान बने रहे

कांकेर, प्री-मैट्रिक छात्रावास दुर्गूकोंदल में जिल्द (पुस्तक का कवर) नहीं देने की बात पर सीनियर ने जूनियर छात्रों की पिटाई कर दी। पिटाई भी इतनी कि एक-एक बच्चे को चार से लेकर 180 डंडे मारे गए। घटना की जानकारी तब हुई जब मार के डर से दो बच्चे घर चले गए और अपने पालक को जनकारी दी। मामले में छात्रावास अधीक्षक किसी तरह की जानकारी नहीं होने की बात कह रहे हैं।

घटना शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात्रि की है, सीनियर छात्र ने जिल्द नहीं देने, कपड़ा सफाई कराने, मच्छरदानी पहले लगाने की बात पर जूनियर छात्रों से मारपीट की। जिससे छात्रावास के जूनियर बच्चे दहशत में हैं। घटना के दौरान अधीक्षक और चौकीदार भी छात्रावास में ही मौजूद थे।दोबारा मार न पड़े इस डर से बच्चों ने अधीक्षक और चपरासी को जानकारी नहीं दी।

डंडों की बरसात

कक्षा 8वीं के छात्र ने बताया कि, मैंने कवर खरीदा था, जिसे सीनियर छात्र मांग रहा था। देने के लिए मना किया तो मुझे 180 डंडे सीनियर छात्र ने मारे। वहीं कक्षा 8वीं के एक अन्य छात्र ने बताया कि मैं और मेरे साथी दोनों ने पैसे मिलाकर जिल्द खरीदा था। सीनियर छात्र मांग रहा था, नहीं दिया, तो मुझे भी 180 डंडे मारे। अन्य 2 छात्रों को चार-चार डंडे, एक छात्र को 10 डंडे, एक को 40 डंडे,, एक अन्य बच्चे को 15 डंडे, तो किसी को को 50 डंडे, अन्य को 80 डंडे मारे गए। और इसी तरह कई छात्रों को 2-4 डंडे मारे गए। मारपीट की घटना से बच्चे काफी भयभीत हैं।

अधीक्षक बोला- बच्चों ने नहीं दी जानकारी

छात्रावास अधीक्षक सतीश जुर्री ने बताया कि मुझे पिटाई की जानकारी बच्चों ने नहीं दी है। आज दो बच्चों के पालक छात्रावास पहुंचे तब घटना की जानकारी हुई। शनिवार को पिटाई करने की बात बच्चों ने बताई। मैं बच्चों की पिटाई की घटना से व्यथित हूं। एक बच्चा तत्काल शिकायत करता तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती।

अधीक्षक की लापरवाही से यह घटना हुई : पालक

घटना की जानकारी होते ही प्रभारी मंडल संयोजक बैजनाथ नरेटी ने छात्रावास पहुंचकर बच्चों से बयान दर्ज किया। बैजनाथ नरेटी ने कहा मारपीट की घटना अच्छी नहीं है। पालक गुलाब बघेल ने कहा हमारे बच्चे भाग नहीं आते तो मारपीट की घटना सामने नहीं आती। मेरे बच्चे को सीनियर छात्र ने 50 डंडे मारे। हम अधीक्षक के भरोसे बच्चे को छात्रावास में रखे हैं। अधीक्षक के छात्रावास में रहते 15 बच्चों से मारपीट हुई है। ये बड़ी लापरवाही है। मेरे बच्चे घर आकर नहीं बताते तो दोबारा मारपीट हो सकती थी। मारपीट की घटना की जांच होनी चाहिए।

  • Narayan Bhoi

    Narayan Bhoi is a veteran journalist with over 40 years of experience in print media. He has worked as a sub-editor in national print media and has also worked with the majority of news publishers in the state of Chhattisgarh. He is known for his unbiased reporting and integrity.

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