
रायपुर , छत्तीसगढ़ के ग्रामीण युवाओं, महिलाओं एवं कृषकों को कौशल, स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ने की प्राथमिकता के अनुरूप इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर द्वारा प्रदेश के कृषि विज्ञान केन्द्रों के माध्यम से कौशल विकास को सुदृढ़ करने की महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. गिरीश चंदेल के मुख्य आतिथ्य तथा निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. एस. एस. टुटेजा की अध्यक्षता में निदेशालय विस्तार सेवाएं द्वारा ’’कृषि कौशल परिषद, भारत’’ के सहयोग से ’’08 से 12 सितम्बर 2026’’ तक दो बैचों में ’’प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण एवं प्रमाणन कार्यक्रम’’ आयोजित किया जा रहा है। आज इस कार्यक्रम के अंतर्गत विशेष सत्र का आयोजन किया गया।
प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण एवं प्रमाणन कार्यक्रम के प्रथम बैच में ’’41 प्रतिभागियों’’ ने 08 से 10 सितम्बर तक प्रशिक्षण एवं प्रमाणन प्रक्रिया में भाग लिया, जिसमें दो दिवस का गहन प्रशिक्षण तथा तीसरे दिवस ’’मूल्यांकन, परीक्षा एवं मौखिक परीक्षा’’ आयोजित की गई। द्वितीय बैच 10 से 12 सितम्बर तक ’’42 प्रतिभागियों’’ के साथ प्रारंभ हुआ है। दोनों बैचों के माध्यम से विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित सभी ’’27 कृषि विज्ञान केन्द्रों’’ का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों को ’’कौशल पारिस्थितिकी तंत्र, योग्यता पैकध्राष्ट्रीय व्यावसायिक मानक, प्रशिक्षक दक्षता, वयस्क अधिगम, प्रशिक्षण प्रदान करने की प्रक्रिया एवं मूल्यांकन’’ के साथ उनकी विशेषज्ञता एवं स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विभिन्न कृषि एवं संबद्ध ’’रोजगार भूमिकाओं’’ के लिए तैयार किया जा रहा है। इनमें ’’मशरूम उत्पादक, जैविक फसल उत्पादक, गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादक, सब्जी उत्पादक, मधुमक्खी पालक, वर्मी कम्पोस्ट उत्पादक, नर्सरी तैयारकर्ता, कृषि मशीनरी प्रदर्शनकर्ता, सूक्ष्म सिंचाई तकनीशियन, मत्स्य पालन तथा मुर्गी पालन’’ जैसे रोजगारपरक क्षेत्र प्रमुख हैं।
इस पहल का प्रमुख उद्देश्य केवल प्रशिक्षकों का प्रमाणीकरण नहीं, बल्कि 27 कृषि विज्ञान केन्द्रों में ’’कृषि कौशल परिषद, भारत द्वारा प्रमाणित मास्टर प्रशिक्षकों’’ का सक्षम समूह विकसित करना है। प्रमाणित होने के पश्चात ये मास्टर प्रशिक्षक ’’मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना’’ के अंतर्गत संबंधित रोजगार भूमिकाओं में ग्रामीण युवाओं, महिलाओं एवं कृषकों को व्यावहारिक एवं रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे।






