LIQUOR; बॉटल खुलने के बाद कितने दिनों तक पी जा सकती है बची हुई वाइन? क्या कहते हैं एक्सपर्ट..

नईदिल्ली, मान लीजिए आपने वीकेंड पर एक डिनर पार्टी रखी है. पार्टी के अंत में आपके किसी दोस्त का मन किसी आकर्षक वाइन बॉटल को देखकर उसे टेस्ट करने का होता है. बची हुई वाइन आपके बार काउंटर पर कई दिन रखी रहती है. जब आप उसे सहेजने के लिए उठाते हैं तो कई दिन हो चुके होते हैं. जैसे ही आप बॉटल देखते हैं आपके दिमाग में यह सवाल जरूर कौंधता होगा, क्या बॉटल में बची हुई शराब खराब हो सकती है?

हालांकि आपका दिल यह मानने को राजी नहीं होगा कि शराब खराब हो सकती है. एक रासायनिक प्रक्रिया जो हवा के संपर्क के परिणाम स्वरूप इथेनाल को एसीटैल्डिहाइड में परिवर्तित करती है. यह वाइन बनाने का एक अनिवार्य हिस्सा है. वाइन बनाने की प्रक्रिया में ऑक्सीकरण होता है. फर्मेंटेशन के दौरान बैरल में उम्र बढ़ने के समय के दौरान ऑक्सीकरण होता है, या यह कार्किंग के दौरान हवा के प्रवेश के जरिये भी हो सकता है. यह बहुत सामान्य है.

कितनी होती है शेल्फ लाइफ?
वाइन के एक एक्सपर्ट कहते हैं कि वाइन की एक शेल्फ लाइफ होती है. उन्होंने बताया, “ऑक्सीकरण आसानी से वाइन के स्वाद को बदल सकता है, एसिटिक एसिड के स्तर को बढ़ा सकता है और इसके स्वाद को सपाट कर सकता है. यह हकीकत में वाइन को सिरके में बदल सकता है. आपकी पसंदीदा वाइन बासी होकर सिरके की गंध देना शुरू कर सकती है.”  बन जाती है सिरका
बहुत सारे वाइन निर्माता वाइन को ऑक्सीकरण प्रक्रिया से बचाने के लिए एसिडिटी (acidity) प्रिजरवेटिव्स का उपयोग करते हैं, इसलिए कम एसिडिटी वाली वाइन अधिक तेजी से सिरका बन सकती है. शराब की खुली बॉटल के साथ बैक्टीरिया भी संपर्क कर सकते हैं, जिससे शराब खराब हो सकती है. इसका स्वाद बदल सकता है और इसमें चिपचिपाहट आ सकती है.केवल 3-5 दिन रहती है पीने लायक
खोलने के बाद वाइन कितने समय तक अच्छी पीने लायक बनी रहती है? आमतौर पर रेड वाइन, व्हाइट वाइन या रोज वाइन की एक खुली हुई बॉटल की शराब कितने समय तक चलती है यह इस पर निर्भर करता है कि उसमें कितनी एसिडिटी है या उसका स्टोरेज किस तरीके से किया गया है. अमूमन वाइन तीन से पांच दिनों तक पीने लायक बनी रहती है. एक्सपर्ट कहते हैं कि लोग रेड वाइन को फ्रिज में नहीं रखते हैं, इसलिए वो थोड़ा जल्दी खट्टी हो सकती है. स्पार्कलिंग वाइन भी तेजी से खराब होती है, खुलने के बाद ये केवल एक से तीन दिन तक ही रखी जा सकती है. स्पार्कलिंग वाइन जितनी देर तक खुली रहेगी उसका कार्बोनेशन भी उतनी ही तेजी से खत्म होता है.

  • Narayan Bhoi

    Narayan Bhoi is a veteran journalist with over 40 years of experience in print media. He has worked as a sub-editor in national print media and has also worked with the majority of news publishers in the state of Chhattisgarh. He is known for his unbiased reporting and integrity.

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