नई दिल्ली, ईरान और अमेरिका के साथ जारी जंग से बढ़ा एलपीजी संकट अब खुलकर सामने आ गया है. तमाम दावों के बीच सरकारी तेल कंपनियों के लिए अब इस संकट को छुपा पाना संभव नहीं है. यही वजह रही कि शुक्रवार को कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में पहली बार 1,000 रुपये की एकमुश्त बढ़ोतरी की गई. अब खबर है कि 5 किलोग्राम वाले छोटे गैस सिलेंडर की कीमतों में भी 261 रुपये की भारी बढ़ोतरी कर दी गई है. इस छोटू गैस सिलेंडर क कीमत अब रसोई गैस सिलेंडर से महज 31 रुपये पीछे रह गई है. सूत्रों का कहना है कि अब पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने की बारी है.
सरकार ने एलपीजी संकट के असर को कम करने के लिए ही छोटू गैस सिलेंडर को सुलभ बनाया था. इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल श्रमिक और छात्र करते हैं. शहरों में पढ़ाई करने वाले छात्रों और कामगारों पर इस फैसले का गंभीर असर पड़ा है. 5 किलोग्राम वाले छोटे गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने से तैयारी करने वाले छात्रों पर गंभीर असर पड़ा है. साथ ही रियल एस्टेट सेक्टर के निर्माण में लगे मजदूरों को अब समस्या का सामना करना पड़ेगा.
कितनी बढ़ी है सिलेंडर की कीमत
लखनऊ में 5 किलोग्राम वाले छोटे गैस सिलेंडर की कीमत में एकमुश्त 261 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है. अब यह सिलेंडर 885.50 रुपये में मिल रहा है, जबकि शहर में 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू रसोई गैस सिलेंडर 913 रुपये में मिल रहा है. इस लिहाज से देखें तो छोटे 5 किलोग्राम वाले सिलेंडर और घरेलू गैस सिलेंडर के बीच कीमत में सिर्फ 31 रुपये का अंतर रह गया है. इससे पहले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर का दाम बढ़कर 3,194 रुपये पहुंच गया है.
रसोई गैस से तीन गुना महंगा है छोटू सिलेंडर
14.2 किलोग्राम वाले रसोई गैस सिलेंडर और 5 किलोग्राम वाले छोटू सिलेंडर की कीमतों की तुलना करें तो पाएंगे कि यह तीन गुना महंगा हो गया है. रसोई गैस सिलेंडर की प्रति किलोग्राम कीमत 64.29 रुपये के आसपास बैठती है, जबकि 5 किलोग्राम के छोटू सिलेंडर का प्रति किलोग्राम भाव अब 176.40 रुपये पहुंच गया है. जाहिर है कि समाज के निचले तबके और जरूरतमंदों के लिए जारी इस सिलेंडर का प्रति किलोग्राम भाव अब बेतहाशा रूप से बढ़ गया है.
पेट्रोल-डीजल के भी बढ़ेंगे दाम
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि जब ग्लोबल मार्केट में 30 फीसदी तक दाम बढ़ जाते हैं तो कोई भी देश इससे अछूता नहीं रह सकता है. ऐसे में सख्त फैसले लेने पड़ते हैं. सरकार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि एलपीजी के बाद अब पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने की बारी है. तेल कंपनियों को प्रति लीटर तगड़ा नुकसान हो रहा है. माना जा रहा है कि अगर ग्लोबल मार्केट की तुलना में पेट्रोल-डीजल के दाम भी बढ़ाने पड़ते हैं तो प्रति लीटर 25 से 28 रुपये तक यह बढ़ोतरी हो सकती है.







