धमतरी, छत्तीसागढ के धमतरी जिले में हत्या की एक ऐसी वारदात सामने आई है जिसने सभी को हैरान कर दिया है. यहां पर मजदूरी नहीं बढ़ाने, दुर्व्यवहार करने और गाली-गलौज से आक्रोशित नाबालिग समेत पांच मजदूरों ने रंजिश के बाद साजिश रचकर अपने ही मालिक को मौत के घाट उतार दिया. ये आरोपी यही नहीं रुके बल्कि हत्या के बाद नकद और मोबाइल भी लूट कर फरार हो गए.
एसपी सूरज सिंह परिहार से मिली जानकारी के अनुसार विप्लव मंडल 55 वर्ष पुत्र मनोरंजन विप्लव निवासी कोलकाता हाल निवासी बोईरगांव-गरियाबंद मछली व्यवसायी था. विप्लव मंडल नगर पंचायत नगरी में निजी फिश फार्म का काम करता था. टंकेश्वर नेताम उर्फ मयंक नेताम 19 वर्ष, सुरेंद्र यादव 26 वर्ष, जगदीश विश्वकर्मा 50 वर्ष सभी ग्राम बोईरगांव जिला गरियाबंद निवासी विप्लव मंडल के यहां काम करते थे.
इन सभी के अलावा दो नाबालिक लड़के भी मछली फॉर्म पर काम करते थे. ये सभी मजदूर विप्लव मंडल से मजूदरी बढ़ाने की मांग कर रहे थे, लेकिन व्यवसायी ने मजदूरी बढ़ाने की बजाय गाली-गलौज करने लगा. व्यापारी के ये व्यहार मजदूरों को चुभ रहा था. ऐसे में मजदूरों ने रंजिश के चलते एक राय होकर मछली व्यवसायी विप्लव मंडल की हत्या करने प्लान किया.

एक बार हो गई थी साजिश फेल
पुलिस ने जानकारी दी है कि आरोपियों ने 25 जून को हत्या का मन बनाया था लेकिन फिर किसी वजह से उसे अंजाम नहीं दे पाए. इसके बाद 27 जून की तारीख हत्या के लिए तय की गई. प्लानिंग के तहत आरोपियों ने काम शुरु किया और व्यापारी की नगरी बाजार से मछली बिक्री कर लौटने की जानकारी मिलते ही गोरेगांव-भैंसमुड़ा मार्ग के सुनसान जंगल क्षेत्र में घात लगाकर बैठ गए.
व्यापारी अपने साथी के साथ लौट रहा था घर
हुआ भी ऐसा ही, विप्लव मंडल और उनके साथी चुम्मन यादव बाइक से जंगल के रास्ते घर लौट रहे थे, तभी घात लगाकर बैठे टंकेश्वर नेताम उर्फ मयंक नेताम, सुरेंद्र यादव ,जगदीश विश्वकर्मा और दो नाबालिगों ने पहले तो चुम्म्न यादव के आंख में मिर्ची पावडर छिड़का और फिर मछली व्यवसायी पर लकड़ी, डंडा व हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर हत्या कर दिया. आरोपियों ने व्यवसायी के शरीर पर 50 बार चाकू से वार किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. चुम्मन यादव किसी तरह जान बचाकर भाग निकला. घटना के बाद आरोपियों ने लूटी गई रकम आपस में बांट ली. पुलिस को मिले सुराग के आधार पर हत्यारों तक पहुंची और सभी को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के समक्ष सभी आरोपियों ने घटना को अंजमा देना स्वीकारा है.







