रायपुर , मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के शपथ ग्रहण के बाद अब मंत्रिमंडल के गठन की प्रतीक्षा की जा रही है। प्रदेश में अब साय मंत्रिमंडल के भावी मंत्रियों के नाम पर चर्चाएं शुरू हो गई है। सूत्रों के अनुसार, काफी मंथन व सुझावों के बाद प्रधानमंत्री ने मंत्रियों के नाम को हरी झंडी दे दी है। यह सभी नाम लिफाफे में बंद हैं।
नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह 16 दिसंबर या इससे पहले हो सकता है, क्योंकि 16 दिसंबर शाम चार बजे से खरमास लग रहा है। मान्यता है कि इस दिन से शुभ काम नहीं होते हैं। बुधवार को मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह के बाद अब मंत्रियों के नामों को लेकर चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं। राज्यपाल बिस्वभूषण हरिचंदन दिल्ली रवाना हो चुके हैं। वे 16 दिसंबर को लौटेंगे। इसके बाद ही शपथ ग्रहण समारोह होगा।
कैबिनेट की पहली बैठक गुरुवार को
मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण करते ही केबिनेट की पहली बैठक गुरुवार को हो सकती है। इस बैठक में धान के बोनस से लेकर मोदी की गारंटी व भाजपा के घोषणा-पत्र पर मुख्य सचिव व अन्य अधिकारियों से चर्चा होगी। बैठक में मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री गण व मुख्य सचिव प्रमुख रूप से मौजूद रहेंगे।
मंत्रियों का शपथ ग्रहण अचानक टला
13 दिसंबर को मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह के आमंत्रण पत्र में मुख्यमंत्री सहित मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण का उल्लेख किया गया था, लेकिन मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण नहीं हो पाया। सूत्रों का कहना है कि राज्य सरकार ने प्रोटोकाल के तहत सभास्थल पर मंत्रियों के लिए गाड़ियां खड़ी करवा दी थी, लेकिन छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल की जो लिस्ट बनाई गई थी, उसे दिल्ली से स्वीकृति नहीं मिली। लिहाजा एक नई लिस्ट तैयार की गई है। सभास्थल पर तीन अलग-अलग मंच बनाएं गए थे। एक मंच में सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा दो मंचों पर वीवीआईपी की व्यवस्था थी। इन्हीं वीवीआईपी मंचों पर मंत्रियों को बिठाया जाना था।







