राजनीति

BJP; ‘राजनीति 100 मीटर की रेस नहीं, मैराथन है…’, अपने पहले संबोधन में युवाओं को नितिन नबीन का संदेश

नईदिल्ली, भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने आज मंगलवार, 20 जनवरी 2026 को दिल्ली स्थित भाजपा कार्यालय पर पीएम मोदी की मौजूदगी में पदभार ग्रहण किया है. इस दौरान पीएम मोदी के साथ ही पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, राजनाथ सिंह, अमित शाह समेत कई पूर्व अध्यक्ष और सीएम मौजूद रहे. नितिन नबीन ने शपथ ग्रहण समारोह के बाद पार्टी के युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि राजनीति 100 मीटर की रेस नहीं, मैराथन है.

नितिन नबीन बोले, “अगले कुछ महीनों में तमिलनाडु, असम, बंगाल, केरल और पुडुचेरी में चुनाव होने वाला है और वहां की डेमोग्राफी की चर्चा हो रही है कि किस प्रकार वहां डेमोग्राफी बदल रही है. यह हमारे लिए चुनौती है लेकिन हम पूरी तरह आश्वस्त हैं कि भाजपा का कार्यकर्ता अपने संघर्ष और परिश्रम के बल पर इन पांचों राज्यों में सशक्त भाजपा का नेतृत्व प्रदान करेगा.”

भाजपा के नव निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा, “आपने मुझ जैसे एक साधारण कार्यकर्ता को पार्टी के इस सर्वोच्च पद तक पहुंचने का अवसर दिया है, और इसके लिए मैं आप सभी को नमन करता हूं. प्रधानमंत्री जी, मैं आपके प्रति भी हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ क्योंकि हम जैसे साधारण कार्यकर्ताओं ने हमेशा दूर से देखा है कि आप राष्ट्र सेवा के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं.”

 मैं एक कार्यकर्ता हूं और वे मेरे ‘बॉस’ हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “भाजपा एक संस्कार है. भाजपा एक परिवार है. हमारे यहां ‘मेंबरशिप’ से भी ज्यादा ‘रिलेशनशिप’ होती है. भाजपा एक ऐसी परंपरा है जो पद से नहीं प्रक्रिया से चलती है. हमारे यहां पदभार एक व्यवस्था है और कार्यभार जीवन भर की जिम्मेदारी है. हमारे यहां अध्यक्ष बदलते हैं लेकिन आदर्श नहीं बदलते। नेतृत्व बदलता है लेकिन दिशा नहीं बदलती.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “अटल जी, आडवाणी जी और मुरली मनोहर जोशी जी के नेतृत्व में भाजपा ने शून्य से लेकर शिखर तक का सफर देखा है. इस सदी में वेंकैया नायडू और नितिन गडकरी सहित हमारे कई साथियों ने संगठन को विस्तार दिया है. राजनाथ सिंह के नेतृत्व में पहली बार भाजपा ने अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल किया. फिर अमित शाह के नेतृत्व में देश के अनेक राज्यों में भाजपा की सरकार बनी. फिर जे.पी. नड्डा के नेतृत्व में भाजपा पंचायत से संसद तक और सशक्त हुई. मैं पूर्व के सभी अध्यक्षों का बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं.”

पीएम मोदी बोले, “भाजपा एक ऐसी पार्टी है जहां लोगों को लगता होगा कि नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं, तीसरी बार प्रधानमंत्री बने, 50 साल की छोटी आयु में मुख्यमंत्री बन गए, 25 साल से लगातार सरकार के प्रमुख रहे हैं. ये सब अपनी जगह पर है लेकिन इन सबसे भी बड़ी चीज मेरे जीवन में है कि मैं भाजपा का कार्यकर्ता हूं. ये सबसे बड़ा गर्व है और जब बात पार्टी के विषयों पर आती है तब नितिन नबीन जी, मैं एक कार्यकर्ता हूं और वे मेरे ‘बॉस’ हैं.”

जेपी नड्डा बोले, “नितिन नबीन जी के नेतृत्व में बीजेपी बंगाल में भी कमल खिलाएगी. हम पुडुचेरी, तमिलनाडु में भी सरकार बनाएंगे. असम में हम फिर से सरकार बनाएंगे. केरल में भी हम अच्छे नतीजे देंगे. पार्टी की जिम्मेदारी को निभाते हुए किसी के दिल को चोट पहुंची हो तो मैं क्षमा चाहता हूं.”

टल बिहारी से लेकर नितिन नबीन तक… कौन-किस उम्र में बना बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष? 

बिहार के रहने वाले नितिन नबीन आज मंगलवार, 20 जनवरी 2026 को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं. सोमवार को नामांकन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. जिसमें उन्हें निर्विरोध चुना गया है. नितिन नबीन मात्र 45 साल की उम्र में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं, जो सबसे कम उम्र के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. भाजपा पार्टी के गठन को 45 साल पूरे हो गए हैं.

पहला राष्ट्रीय अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेयी तो आडवाणी 12 साल अध्यक्ष रहे

भाजपा के गठन के बाद पहला राष्ट्रीय अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेयी को बनाया गया था. उन्होंने 1980 से 1986 तक का कार्यकाल संभाला. अटल बिहारी 55 साल की उम्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे. वाजपेयी के बाद अगले अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी बने, जो पहली बार 58 साल की उम्र में पदभार संभाला. आडवाणी भाजपा में 3 बार अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाली. उनका पहला कार्यकाल 1986 से लेकर 1991 तक रहा. दूसरा 1993 से 1998 और तीसरी बार 2004 से 2005 तक.

75 साल की उम्र में अध्यक्ष बने कुशाभाऊ ठाकरे

  • मुरली मनोहर जोशी भाजपा के तीसरे राष्ट्रीय अध्यक्ष बने, जिनका कार्यकाल 1991 से 1993 के बीच रहा. जब मुरली मनोहर जोशी राष्ट्रीय अध्यक्ष बने, तो उनकी उम्र 57 साल थी.
  • इसके बाद कुशाभाऊ ठाकरे 75 साल की उम्र में अध्यक्ष बने. जिनका कार्यकाल 2 साल (1998 से 2000) तक रहा.
  • बंगारू लक्ष्मण 61 साल की उम्र में अध्यक्ष बने, जिनका कार्यकाल 1 साल (2000 से 2001) तक रहा.

2 बार अध्यक्ष बने राजनाथ सिंह

  • जना कृष्णमूर्ति 72 साल की उम्र में केवल 1 साल के लिए अध्यक्ष बने. उनका कार्यकाल 2001 से 2002 तक रहा.
  • इसके बाद 53 साल की उम्र में एम. वेंकैया नायडू ने 2002 से 2004 तक अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाली.
  • राजनाथ सिंह दो बार अध्यक्ष बने. पहली बार 54 साल की उम्र में 2005 से 2009 तक और दूसरी बार 61 साल की उम्र में 2013 से लेकर 2014 तक.
  • 2009 से 2013 तक नितिन गडकरी 52 साल की उम्र में अध्यक्ष बने. इसके बाद अमित शाह 2014 से लेकर 2020 तक अध्यक्ष रहे. इस दौरान पहली बार भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत के साथ देश में सरकार बनी थी.
  • 2020 से अब तक जेपी नड्डा अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. नड्डा 59 साल की उम्र में अध्यक्ष बने थे. आज से नए अध्यक्ष के रूप में नितिन नबीन जिम्मेदारी संभालेंगे. नितिन नबीन केवल 45 साल की उम्र में अध्यक्ष बने है, जो आज तक के सबसे कम उम्र के अध्यक्ष हैं.

कब तक रहेगा कार्यकाल?

भाजपा ने युवा चेहरे के ऊपर पार्टी की बागडोर सौंपने का फैसला लिया है. इससे स्पष्ट होता है कि पार्टी की नजर युवाओं पर है. पार्टी 2029 के लोकसभा चुनाव को देखते हुए कार्य कर रही है. नितिन नबीन के पास संगठन और सरकार दोनों का अच्छा अनुभव है, शायद इसीलिए नितिन नबीन के नाम पर पार्टी ने सहमति बनाई. इनका कार्यकाल 3 सालों के लिए रहेगा. नितिन नबीन राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने वाले बिहार के पहले नेता हैं.

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