0 ग्राम बिंजली में एनएसएस सात दिवसीय विशेष शिविर में अधिष्ठाता डॉ. रत्ना नशीने ने स्वयंसेवकों को समर्पण भाव से कार्य करने की प्रेरणा दी
नारायणपुर, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा संचालित लिंगो मुदियाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, के अंतर्गत राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ गत दिवस ग्राम बिंजली में किया गया। इस शिविर में ग्राम के ग्रामीणजनों के साथ 56 एनएसएस स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बचपन प्ले स्कूल के निदेशक नरेंद्र मेश्राम ने अपने संबोधन में एनएसएस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि युवाओं की सामाजिक जिम्मेदारी, शिक्षा तथा सेवा भाव की भूमिका जरुरी है। । कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कालेज की कार्यक्रम अधिकारी एवं अधिष्ठाता डॉ. रत्ना नशीने ने एनएसएस की भूमिका, ग्राम विकास में स्वयंसेवकों के योगदान तथा सात दिवसीय विशेष शिविर की कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी और सभी स्वयंसेवकों को समर्पण भाव से कार्य करने के लिए प्रेरित किया। इसके पश्चात एनएसएस स्वयंसेवकों को एनएसएस बैज एवं डायरी प्रदान की गई।
इस अवसर पर डॉ. नवीन मरकाम ने स्वयंसेवकों को समाजहित में कार्य करने के लिए प्रेरित किया। डॉ. नवनीत ध्रुव ने एनएसएस के अंतर्गत प्राप्त विभिन्न उपलब्धियों की जानकारी देते हुए स्वयंसेवकों को उत्कृष्ट कार्य करने हेतु प्रोत्साहित किया। डॉ. विवेक विश्वकर्मा ने एनएसएस की दैनिक गतिविधियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। वहीं मदन लाल कुर्रे द्वारा ग्रामीण खेलों के सामाजिक, शारीरिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा एनएसएस गीत, सुविचार तथा एनएसएस के उद्देश्यों की प्रस्तुति दी गई।
योग एवं ग्रामीण खेल गतिविधियां
एनएसएस शिविर के अंतर्गत प्रतिदिन योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अधिष्ठाता डॉ. रत्ना नशीने ने एवं मदन लाल कुर्रे की उपस्थिति में एनएसएस स्वयंसेवकों एवं ग्रामवासियों को विभिन्न योगासनों का अभ्यास कराया गया। योग सत्र के दौरान प्रत्येक आसन का महत्व, उसके स्वास्थ्य लाभ तथा सही विधि से अभ्यास करने की प्रक्रिया की जानकारी विस्तार से दी गई। इसके साथ ही शिविर के दौरान ग्रामीण खेलों का भी आयोजन किया गया, जिसमें एनएसएस स्वयंसेवकों के साथ-साथ महाविद्यालय के स्टाफ सदस्यों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इन गतिविधियों से प्रतिभागियों के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास को बढ़ावा मिला तथा आपसी सहयोग एवं सामूहिक सहभागिता की भावना सुदृढ़ हुई।






