CRICKET; टी 20 फाइनल में बेहतर टीम कैसे हो सकती है?

8 मार्च को वर्तमान विजेता भारतीय क्रिकेट टीम का सामना न्यूजीलैंड से होगा ये तय हो चुका है। भारत वेस्ट इंडीज और इंग्लैंड को हराकर फाइनल में पहुंचा है। वही न्यूजीलैंड भाग्य के सहारे सेमीफाइनल पहुंचा, लेकिन सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका को जिस तरीके से धोकर फाइनल पहुंचा है तो सूर्य कुमार यादव की टीम को सेमीफाइनल की तुलना में दस फीसदी सुधार कर टीम को जिताने की योजना बनाना पड़ेगा।

न्यूजीलैंड के पास तेज और स्पिन कराने वाले गेंदबाज है तो धुंआधार बैटिंग करने वाले बल्लेबाज भी है। दक्षिण अफ्रीका को नौ विकेट से हराकर फाइनल आये है  इसलिए भारतीय गेंदबाजों को सम्हल कर गेंदबाजी करना होगा। भारतीय टीम के तीन गेंदबाज बुमराह, अर्शदीप सिंह,हार्दिक पांड्या और अक्षर पटेल नियंत्रित गेंदबाजी कर रहे है लेकिन वरुण  चक्रवर्ती जिन्हें मिस्ट्री बॉलर कहा जा रहा है रन खर्च करने के मामले  दिलदार निकले है। वेस्ट इंडीज और इंग्लैंड के विरुद्ध 8 ओवर में 104 रन खर्च कर दो विकेट लिए है। इसके अलावा शिवम दुबे से गेंदबाजी कराने के बजाय किसी भी बल्लेबाज से अनियमित गेंदबाजी कराने
का विकल्प रखना होगा।

इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी ओवर में शिवम दुबे के छ बॉल में बाइस रन खर्च किए। शिवम दुबे जिम्बाब्वे के खिलाफ भी 12 बॉल में 46 रन खर्च किए थे। तीन ओवर में 68 रन खर्च करना नौसिखिया गेंदबाज के लक्षण है। सूर्य कुमार यादव को इसी महंगे गेंदबाजी का विकल्प खोज कर रखना चाहिए। इंग्लैंड के खिलाफ अक्षर पटेल के  एक ओवर शेष रहने के बावजूद शिवम दुबे से गेंदबाजी कराना समझ के बाहर की बात है।
न्यूजीलैंड, भारत के पिछले दौरे में स्पिन गेंदबाजी के सहारे ही  विजयश्री वरण  किया है।उनके पास स्पिन क्षेत्र में अच्छे गेंदबाज है। शुरुवाती ओवर में वे भारत के सलामी बल्लेबाजों के खिलाफ निश्चित रूप से  कप्तान सेनेटर, रचिंद्र रवींद्र,  मुश्किल खड़ा कर सकते है। बल्लेबाजी मे भी न्यूजीलैंड के पास आक्रामक बल्लेबाज के रूप में एलेन, शैफर्ड, मिशेल, रवींद्र और कप्तान सेनेटर खुद भी है।
भारत को टीम में एक परिवर्तन अवश्य रूप से करना चाहिए। अभिषेक शर्मा का बल्ला बिल्कुल नहीं चल रहा है।ईशान किशन के क्रम को बढ़ाकर निचले क्रम में रिंकू सिंह को मौका देना ही चाहिए।फाइनल, आखिरी अवसर होता है ।जीते तो विजेता और हारे तो उपविजेता।एक सौ छियालिस करोड़ जनता तो आस लगाए बैठी है कि सूर्य कुमार यादव की टीम ही ट्रॉफी जीतेगी। 

स्तंभकार- संजयदुबे

  • Narayan Bhoi

    Narayan Bhoi is a veteran journalist with over 40 years of experience in print media. He has worked as a sub-editor in national print media and has also worked with the majority of news publishers in the state of Chhattisgarh. He is known for his unbiased reporting and integrity.

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