0 दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में आधुनिक तकनीक का उपयोग
रायपुर, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, परिचालन की सुरक्षा, विश्वसनीयता और दक्षता को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर आधुनिक तकनीकों को अपनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। इसी क्रम में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल द्वारा रेलवे विद्युत अवसंरचना की निगरानी और रखरखाव को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से युक्त ड्रोन तकनीक का उपयोग प्रारंभ किया गया है।
रायपुर मंडल के विद्युत (टीआरडी) विभाग द्वारा ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) संरचनाओं के निरीक्षण के लिए अत्याधुनिक ड्रोन तैनात किए गए हैं। इस तकनीक के माध्यम से ऊँचाई से ओएचई संरचनाओं, फिटिंग्स तथा अन्य विद्युत अवसंरचनाओं का विस्तृत और सूक्ष्म निरीक्षण किया जा रहा है। ड्रोन द्वारा ऐसे कई स्थानों की निगरानी संभव हो पा रही है, जहाँ पारंपरिक मैनुअल निरीक्षण कठिन होता है या जहाँ छोटे तकनीकी दोषों का पता लगाना चुनौतीपूर्ण होता है।
ड्रोन से प्राप्त उच्च-गुणवत्ता वाले चित्रों और वीडियो का विश्लेषण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित टूल्स की सहायता से किया जा रहा है। एआई-आधारित विश्लेषण संभावित तकनीकी दोषों की पहचान तेज़ी और अधिक सटीकता के साथ करने में सहायक सिद्ध हो रहा है। इसके माध्यम से ओएचई के विभिन्न घटकों और फिटिंग्स की विस्तृत जाँच कम समय में संभव हो रही है, जिससे समय रहते आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
दोषों की समय पर पहचान होने से संभावित बड़ी तकनीकी खराबियों या ब्रेकडाउन को रोका जा सकता है। इससे न केवल रेल परिचालन की सुरक्षा और विश्वसनीयता सुनिश्चित होती है, बल्कि ट्रेनों के सुचारू और निर्बाध संचालन में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलता है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा आधुनिक तकनीकों को अपनाने की यह पहल रेलवे अवसंरचना की निगरानी, रखरखाव और सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।







