कला-साहित्य

RAJ BHAWAN; महाराष्‍ट्र मंडल के सचेतक वरिष्ठ पत्रकार रविंद्र ठेंगडी को राज्‍यपाल ने किया सम्‍मानित

0 ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम के अंतर्गत सात राज्‍यों के प्रतिनिधियों का किया गया सम्‍मान

रायपुर, राजभवन में ‘एक भारत श्रेष्‍ठ भारत’ कार्यक्रम के अंतर्गत राज्‍यपाल रमेन डेका ने वरिष्ठ पत्रकार व महाराष्‍ट्र मंडल के सचेतक रविंद्र कृष्ण ठेंगड़ी को महाराष्‍ट्र के प्रतिनिधि के रूप में राजकीय गमछा और स्‍मृति चिन्‍ह देकर सम्‍मानित किया। इस अवसर पर छह अन्‍य राज्‍यों के प्रतिनिधि भी सम्‍मानित किए गए।

राजभवन के दरबार हॉल में बने छत्‍तीसगढ़ मंडपम में गुरुवार की शाम को आयोजित ‘एक भारत श्रेष्‍ठ भारत’ में मिजोरम की प्रतिनिधि बेलिंदा रियांग, बिहार से निमेष कुमार झा, गुजरात से राजेश चौहान, गोवा से सेवियो डिकोस्‍टा, तेलंगाना से गुरिजला उषा, पश्चिम बंगाल से नारायण रॉय को भी सम्‍मानित किया गया।
कार्यक्रम में सभी राज्‍यों के प्रतिनिधियों ने राज्‍यपाल डेका को अपने-अपने समाज की ओर से सम्‍मानित किया। महाराष्‍ट्र की ओर से अजय मधुकर काले, शशि वरवंडकर और विनोद शेष ने राज्‍यपाल का सूत माला, शाल- श्रीफल और स्‍मृति चिन्‍ह देकर सम्‍मान किया। महाराष्ट्र राज्य की ओर से सचिव चेतन दंडवते, उपाध्यक्ष गीता दलाल, प्रबंधक नंदिनी नायडू, रचना ठेंगड़ी, शशि वरवंडकर, विनोद शेष, सुधीर जाऊकर, प्रवीण क्षीरसागर, शेखर रावसाहेब अमीन, सुबोध टोले भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर सभी नौ राज्‍यों के खूबसूरत सांस्‍कृतिक कार्यक्रम विभिन्‍न विश्‍वविद्यालयों के छात्र- छात्राओं ने प्रस्‍तुत किए। 

इस मौके पर राज्‍यपाल रमेन डेका ने कहा कि नौ राज्‍यों महाराष्‍ट्र, मिजोरम, सिक्किम, बिहार, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, तेलंगाना और गोवा का स्‍थापना दिवस मनाया जा रहा है। इस मौके पर इन राज्‍यों के प्रतिनिधियों को एक- दूसरे राज्‍य की संस्‍कृति को देखने और समझने का मौका मिल रहा है। आप लोग यहां से बाहर जाकर लोगों से इन राज्‍यों की संस्‍कृति के बारे में चर्चा करेंगे। सांस्‍कृतिक आदान- प्रदान ही नहीं, बल्कि भावनात्‍मक एकीकरण भी है। यही ‘एक भारत श्रेष्‍ठ भारत’ कार्यक्रम का उद्देश्‍य भी है, जिसे तीन साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शुरू कराया था। इस मौके पर महाराष्‍ट्र मंडल के अध्‍यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि करीब 400 साल पहले मराठी समाज के लोग छत्तीसगढ़ में आकर बसे और यहां की मिट्टी में रच बस गए।

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