
रायपुर, बाजार में शक्कर के बढ़ते दामों से परेशान उपभोक्ताओं को अब राहत मिलने लगी है। कुछ समय पहले 70 रुपए किलो तक पहुंचने वाली शक्कर अब थोक में 50 रुपए पर आ चुकी है, वहीं चिल्हर में यह 53-55 रुपए पर बिक रही है। करीब 15 दिन पहले चिल्हर में 65 रुपए और थोक में 55 रुपए किलो के आसपास भाव था। एक महीने के भीतर करीब 10 से 15 रुपए किलो तक की गिरावट दर्ज की गई है।
थोक व्यापारियों के मुताबिक कीमतों में गिरावट के पीछे बाजार में आपूर्ति बढऩे के साथ केंद्र सरकार की सख्ती भी बड़ा कारण है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने व्यापारियों के पंजीयन को लेकर नियम कड़े किए हैं। 15 सितंबर तक पंजीयन नहीं कराने वाले डीलरों को मिलों से चीनी नहीं मिलने की स्थिति रहेगी। इसका सीधा असर बाजार में अनियंत्रित खरीद और जमाखोरी पर पड़ने की संभावना है।
छत्तीसगढ शुगर ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रकाश अग्रवाल ने बताया कि राजधानी के बड़े कारोबारियों को महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों की चीनी मिलों से माल मंगाना पड़ता है। वहीं केंद्र सरकार ने मिलों के स्तर पर भी नियमों को सख्त किया है। इससे बाजार में उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था पर निगरानी बढ़ी है। थोक में चीनी 50 रुपए किलो तक आ पहुंची है। यदि आपूर्ति इसी तरह बनी रही तो उपभोक्ताओं को त्योहारी सीजन में चीनी और सस्ती मिल सकती है। राजधानी के गोलबाजार सहित अन्य प्रमुख बाजारों में भी कीमतें चिल्हर में 55 रुपए पर आ चुकी हैं।
दिशा-निर्देश
- सभी शुगर डीलर्स को डीएफपीडी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य होगा।
- सभी डीलर्स को हर शुक्रवार को अपने स्टॉक की घोषणा पोर्टल पर करनी होगी।
- 15 सितंबर 2026 से कोई भी शुगर मिल डीएफपीडी पोर्टल पर रजिस्टर्ड और स्टॉक घोषित किए गए डीलर को छोडकऱ किसी गैर रजिस्टर्ड डीलर को शुगर नहीं बेचेगी।
- अब हर महीने का शुगर कोटा दो हिस्सों में आएगा
- पहले 15 दिन के स्टॉक को कम से कम 40 प्रतिशत हिस्सा बेचना होगा।
- सरकार ने सभी डीलरों को दिशा-निर्देश दिए हैं कि देश में चीनी के स्टॉक की कमी नहीं है।







