रायपुर, नगर निगम ने अवैध प्लाटिंग के मामलों में सख्त कार्रावई करना शुरू कर दिया है. रामनगर क्षेत्र के अवैध प्लाटिंग के दो मामले सामने आए थे. इन मामलों में 17 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया गया है. इस कार्रवाई के बाद भी कई ऐसे पुराने मामले हैं, जिनपर रोक लगाने के अलावा कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है. अधिकतक मामलों में शिकायत के बाद पुलिस को संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया, जिसके कारण एफआईआर दर्ज नहीं हो पाई है.
जानकारी के मुताबिक, जोन- 7 नगर निवेश विभाग के पास सूचना मिली कि रामनगर क्षेत्र में भूमि-स्वामी जमीन को टुकड़ों में विभाजित कर प्लाट को बेच रहे हैं. जांच के बाद गुढ़ियारी थाना में भूमि स्वामियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया गया है. एक प्रकरण में प्लाटिंगकर्ता संतोषी बाई, शिव कुमार, महेंद्र साहू, शिव बाई, भावा बाई के विरुद्ध और दूसरे प्रकरण में भूमिस्वामी प्लाटिंगकर्ता नरेंद्र, जयप्रकाश, अजय, रमा, ललिता, अनिता, सविता, महेश कुमार, रविप्रकाश, भीमा, रामदुलारे, ईश्वर कुमार के विरुद्ध अपराध दर्ज कराया है. पुलिस ने दोनों प्रकरण में छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 के अंतर्गत 292 (ग) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है.
जोन-10 कार्यालय से टिकरापारा और मुजगहन थाने में अवैध प्लाटिंग के 91 मामलों पर एफआईआर कराने के लिए आवेदन दिए गए हैं. इन मामलों में जमीन दस्तावेज नहीं उपलब्ध कराए जा सके हैं. रायुपर नगर निगम में अमलीडीह, देवपुरी, गोंदवारा, रामनगर, उरकुरा, डूंडा, बोरियाखुर्द, भाठागांव और अन्य क्षेत्र में सबसे ज्या अवैध प्लाटिंग कर जमीन बेची गई. यहां अवैध कालोनी, मकान, फ्लैट्स बन चुके हैं और अब सड़क, बिजली, पानी जैसी समस्या से जूझ रहे हैं.
2023 में 398 खसरा नंबर किए गए थे ब्लॉक
साल 2023 में निगम क्षेत्र में कई ऐसी जमीनें थी, जहां अवैध प्लाटिंग की गई थी. 398 खसरा नंबर की कुल 41.6477 हेक्टेयर जमीन पर अवैध प्लाटिंग का खेल चल रहा था.निगम ने कार्रवाई करते हुए इन जमीनों के खसरा नंबर को ब्लॉक किया था. लेकिन प्रावधान नहीं होने के कारण कुछ ही लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो पाई थी.







