बिलासपुर, छत्तीसगढ के जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा थाना क्षेत्र अंतर्गत छाता जंगल में जंगली सूअर के शिकार के लिए बिजली का करंट बिछाने के दौरान एक युवक की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ धारा 106(1), 3(5) बीएनएस एवं 135 विद्युत अधिनियम के तहत कार्रवाई कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना 19 फरवरी 2026 की रात लगभग 8 बजे ग्राम लेवई के कुछ लोगों द्वारा अंजाम दी गई थी। आरोपियों में वीरेंद्र कुमार बंजारे, रामसिंह उर्फ नानदाउ, अक्षय बंजारे और मुकेश खुटे शामिल हैं। सभी आरोपी जंगली जानवरों के शिकार के लिए छाता जंगल खिसोरा क्षेत्र में गए थे।
इस दौरान उन्होंने खुले जीआई तार को जंगल में फैलाकर उसमें करंट प्रवाहित करने की योजना बनाई। जानकारी के मुताबिक, करंट प्रवाहित करने के लिए अनिल लहरे नामक युवक को बिजली के खंभे पर चढ़ाया गया था। अनिल लहरे लकड़ी के डंडे की सहायता से 11 केवी लाइन से तार जोड़ने की कोशिश कर रहा था, तभी उसे तेज करंट लग गया और वह नीचे गिर पड़ा। हादसे के बाद मौके पर मौजूद आरोपियों ने घटना की जानकारी उसके भाई को दी, जिसके बाद घायल अनिल को तत्काल शासकीय अस्पताल बलौदा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस जांच में यह सामने आया है कि आरोपियों को यह पूरी जानकारी थी कि बिजली के तार में करंट प्रवाहित हो रहा है, इसके बावजूद उन्होंने बिना किसी सुरक्षा उपकरण के अपने साथी को खंभे पर चढ़ने के लिए मजबूर किया। इसी लापरवाही के कारण अनिल लहरे की मौत हो गई। घटना के बाद थाना बलौदा में अपराध क्रमांक 81/2026 दर्ज कर मामला विवेचना में लिया गया। पुलिस ने सभी आरोपियों को उनके निवास स्थान से हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद विधिवत कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।







