
नई दिल्ली, वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा से पास हो गया। 12 घंटे से ज्यादा समय तक चली मैराथन चर्चा के बाद लोकसभा ने वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 पारित कर दिया। इस विधेयक के पक्ष में 288 और विपक्ष में 232 वोट पड़े। स्पीकर ओम बिरला ने चर्चा पूरी होने के बाद वोटिंग करवाई। इस दौरान बिल के पक्ष में 288 वोट पड़े, वहीं विरोध में 232 वोट पड़े और इस तरह रात 2 बजे वक्फ संशोधन बिल लोकसभा से पास हो गया। इससे पहले सदन में गौरव गोगोई, औवैसी समेत कई सदस्यों की ओर से लाए गए संशोधन खारिज हो गए।
वहीं बिल पर चर्चा के दौरान जहां सत्ता पक्ष के सांसदों ने बिल का समर्थन किया तो विपक्षी सांसदों ने इस पर कड़ा विरोध जताया। इस दौरान कई मौकों पर हंगामा भी देखने को मिला। AIMIM सांसद ओवैसी ने अपनी बात रखने के बाद वक्फ बिल को फाड़ दिया, जिस पर सत्तापक्ष की ओर से सवाल उठाए गए। बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने इसे असंवैधानिक करार दिया।
वक्फ बिल लोकसभा से पास, क्या बोले रिजिजू
वोटिंग से पहले बिल पर चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर करारा अटैक किया। उन्होंने कहा कि बिना तर्क आरोप लगाना गलत है। हम लोग संसद सदस्य हैं, हम जो शब्द इस्तेमाल करते हैं उसे समझना चाहिए। कुछ सदस्यों ने जो प्वाइंट उठाए उनमें तर्क है तो कुछ तर्कहीन बातें भी कही गई। कुछ विपक्षी सांसदों ने कहा कि ये बिल असंवैधानिक है तोउन्हें बताना चाहिए कि ये असंवैधानिक कैसे है।
वक्फ बाई यूजर’ पर रिजिजू ने स्टैंड किया क्लीयर
किरेन रिजिजू ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि अल्पसंख्यकों के लिए दुनिया में भारत से सुरक्षित कोई स्थान नहीं है। इस देश के बहुसंख्यक लोग खुद को धर्मनिरपेक्ष मानते हैं। विपक्ष सरकार की आलोचना कर सकता है, लेकिन यह कहना कि हिंदुस्तान में अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं है, सही नहीं है। उन्होंने कहा, ‘मैं खुद अल्पसंख्यक हूं और कह सकता हूं कि भारत से ज्यादा अल्पसंख्यक कहीं सुरक्षित नहीं हैं। हर अल्पसंख्यक समुदाय शान से इस देश में जीवन जीता है।’
रिजिजू ने विपक्षी सदस्यों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि सदन में इस तरह देश को बदनाम करना ठीक नहीं। आने वाली पीढ़ियां आपको माफ नहीं करेंगी। वहीं चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सबको बोलने का अधिकार है लेकिन टोकाटाकी नहीं करना चाहिए। सदन में कमेंट पास करना कोई तरीका तो नहीं है। मैं सबसे पहले गौरव गोगोई समेत कई सदस्यों ने जो मुद्दे उठाए तो उस पर क्लीयर करता हूं। ये जो ‘वक्फ बाई यूजर’ क्लॉज है, किसी जमीन-प्रॉपर्टी पर सिर्फ कहने से कैसे माना जा सकता है कि ये वक्फ की जमीन है। इससे संबंधित कोई डॉक्यूमेंट है, सर्टिफिकेट है तो हमें दिखाएं।
बिल मुस्लिम और इस्लाम विरोधी नहीं- किरेन रिजिजू
रिजिजू ने कहा कि ये बिल मुस्लिम और इस्लाम विरोधी नहीं है। ये पूर्ण रूप से संवैधानिक है। ये विधेयक पहले से है तो असंवैधानिक कैसे हो सकता है। हर जमीन देश की जमीन है। उन्होंने विपक्ष को दो टूक कहा कि बिना तर्क आरोप न लगाएं। बिल पर चर्चा के दौरान कलेक्टर को विरोधी जैसा बताया गया। कलेक्टर पर प्रहार के बजाय जवाब देते। हाथ में संविधान पकड़ने से कुछ नहीं होता। संविधान को मानना भी होता है। किरेन रिजिजू के चर्चा का जवाब दिए जाने के बाद वक्फ बिल पर वोटिंग हुई, जिसमें पक्ष में 288 और विपक्ष में 232 वोट पड़े। इस तरह लोकसभा से बिल पास हो गया।
हिंदुओं में ये प्रावधान पहले से, ओवैसी को रिजिजू का जवाब
लोकसभा में बोलते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, ‘असदुद्दीन ओवैसी ने विभिन्न मुद्दे उठाए और आरोप लगाया कि मुसलमानों के लिए, वक्फ में मुसलमानों के बच्चों के लिए प्रावधान किया जा रहा है। हिंदुओं के लिए कोई प्रावधान क्यों नहीं किया जा रहा है? मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि हिंदुओं के लिए पहले से ही प्रावधान है। इस पर दूसरा कानून बनाने की कोई जरूरत नहीं है।’
ओवैसी ने विधेयक क्यों फाड़ा, जगदंबिका पाल ने उठाए सवाल
वक्फ संशोधन विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद जगदम्बिका पाल ने लोकसभा में चल रही बहस के दौरान कहा कि असदुद्दीन ओवैसी इस विधेयक को असंवैधानिक कहते हैं, लेकिन उन्होंने विधेयक को फाड़कर असंवैधानिक काम किया है। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि विधेयक क्यों फाड़ दिया?