राजनीति

PROPERTY;बीजेपी विधायकों के पास सबसे अधिक संपत्ति,भाजपा के पराग शाह भारत के सबसे अमीर MLA, भावना छत्तीसगढ की अमीर विधायक

एमएलए

नई दिल्ली, क्या आपको पता है भारत के सबसे अमीर और सबसे गरीब विधायक कौन हैं? एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने इस संबंध में एक रिपोर्ट जारी की है। एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई के घाटकोपर ईस्ट से बीजेपी के विधायक पराग शाह भारत के सबसे अमीर MLA हैं। जिनकी संपत्ति लगभग 3400 करोड़ रुपये है। उनके बाद कर्नाटक के कनकपुरा से कांग्रेस विधायक डीके शिवकुमार हैं, जिनकी संपत्ति 1413 करोड़ रुपये से अधिक है।

प्रमुख राजनीतिक दलों में बीजेपी के विधायकों के पास सबसे अधिक संपत्ति है। उनके पास 26,270 करोड़ रुपये की संपत्ति है। कांग्रेस के MLAs के पास 17,357 करोड़ रुपये की संपत्ति है। TDP के MLAs के पास 9,108 करोड़ रुपये की संपत्ति है। शिव सेना के MLAs के पास 1,758 करोड़ रुपये की संपत्ति है। AAP के MLAs के पास औसतन 7.33 करोड़ रुपये प्रति MLA की संपत्ति है।

पश्चिम बंगाल के निर्मल कुमार धारा सबसे गरीब विधायक

ADR की रिपोर्ट में विधायकों की ओर से चुनाव लड़ने से पहले दिए गए हलफनामों का विश्लेषण किया गया है। इस रिसर्च में 28 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों के 4092 विधायकों को शामिल किया गया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, बीजेपी के पराग शाह सबसे अमीर विधायक हैं। वहीं सबसे कम संपत्ति वाले विधायक पश्चिम बंगाल के निर्मल कुमार धारा हैं। उनके पास सिर्फ 1700 रुपये की संपत्ति है। निर्मल कुमार धारा पश्चिम बंगाल की इंदस सीट से बीजेपी के विधायक हैं।

छत्तीसगढ़ के 72 विधायक करोड़पति

छत्तीसगढ़ की नवनिर्वाचित विधानसभा में 90 में से 72 विधायक करोड़पति हैं, जो कि पिछली विधानसभा की तुलना में चार अधिक हैं। हाल ही में हुए चुनावों में भारी जीत हासिल करने वाली भाजपा के सबसे अधिक 43 करोड़पति विधायक हैं, उसके बाद कांग्रेस के विधायक हैं। 90 सीटों में से भाजपा ने 54 और कांग्रेस ने 35 सीटों पर जीत हासिल की है। कुल 72 नवनिर्वाचित विधायक (सदन की कुल संख्या का 80 प्रतिशत) करोड़पति हैं। इस सूची में भाजपा शीर्ष पर है, जिसके 54 विधायकों में से 43 (80%) ने अपनी संपत्ति एक करोड़ रुपये से अधिक घोषित की है।

पंडरिया की भावना छत्तीसगढ़ की सबसे अमीर

एसोसिएशन फार डेमोक्रेटिक रिफार्म्स (एडीआर) द्वारा किए गए विश्लेषण के अनुसार कांग्रेस के 35 में से 83% विधायक करोड़पति हैं। इस बार हुए राज्य विधानसभा चुनावों में प्रति विजेता उम्मीदवार की औसत संपत्ति 5.25 करोड़ रुपये है, जबकि 2018 के विधानसभा चुनावों में यह 11.63 करोड़ रुपये थी। पंडरिया सीट से पहली बार विधायक बनी भावना बोहरा 33.86 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ शीर्ष पर हैं, इसके बाद निवर्तमान मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल (पाटन निर्वाचन क्षेत्र) 33.38 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ हैं। बिलासपुर सीट से भाजपा के अमर अग्रवाल 27 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति के साथ तीसरे स्थान पर हैं। पिछली बार 2018 के चुनाव में टीएस सिंहदेव सबसे अमीर विधायक थे।

कर्नाटक के विधायकों की संपत्ति सबसे ज्यादा

कर्नाटक के विधायकों के पास सामूहिक रूप से 14,179 करोड़ रुपये की संपत्ति है, जो देश में सबसे अधिक है। महाराष्ट्र के विधायकों के पास 12,424 करोड़ रुपये की संपत्ति है। आंध्र प्रदेश के MLAs के पास 11,323 करोड़ रुपये की संपत्ति है। सबसे कम संपत्ति वाले राज्यों में त्रिपुरा, मणिपुर और पुडुचेरी शामिल हैं।

त्रिपुरा के विधायकों की कल संपत्ति 90 करोड़

त्रिपुरा के MLAs के पास 90 करोड़ रुपये की संपत्ति है। मणिपुर के MLAs के पास 222 करोड़ रुपये की संपत्ति है। पुडुचेरी के MLAs के पास 297 करोड़ रुपये की संपत्ति है। कर्नाटक के निर्दलीय विधायक केएच पुट्टस्वामी गौड़ा के पास 1,267 करोड़ रुपये की संपत्ति है। कर्नाटक के कांग्रेस MLA प्रियाकृष्ण के पास 1,156 करोड़ रुपये की संपत्ति है।

अमीर विधायकों की लिस्ट में ये बड़े नाम

सबसे अमीर विधायकों की सूची में कई बड़े नाम हैं। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के पास 931 करोड़ रुपये की संपत्ति है। आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के पास 757 करोड़ रुपये की संपत्ति है। आंध्र प्रदेश के चार विधायक टॉप 10 सबसे अमीर विधायकों की लिस्ट में शामिल हैं।इस राज्य के सात विधायक टॉप 20 सबसे अमीर MLAs में शामिल हैं। इनमें IT मंत्री नारा लोकेश और हिंदुपुर के MLA एन. बालकृष्ण भी शामिल हैं। राज्यों के हिसाब से विधायकों की संपत्ति में बहुत अंतर है। औसत संपत्ति के मामले में आंध्र प्रदेश सबसे आगे है। यहां प्रति MLA औसत संपत्ति 65.07 करोड़ रुपये है।

विधायकों की सबसे कम औसत संपत्ति त्रिपरा में

कर्नाटक में यह आंकड़ा 63.58 करोड़ रुपये है। महाराष्ट्र में यह 43.44 करोड़ रुपये है। सबसे कम औसत संपत्ति त्रिपुरा में है। यहां प्रति MLA औसत संपत्ति 1.51 करोड़ रुपये है। 4,092 MLAs की कुल संपत्ति 73,348 करोड़ रुपये है। यह नागालैंड, त्रिपुरा और मेघालय के 2023-24 के संयुक्त वार्षिक बजट से भी अधिक है।

Related Articles

Back to top button