POLITICS; कांग्रेस की जिला कार्यकारिणी की घोषणा के बाद गुटबाजी,17 पदाधिकारियों ने दिया सामूहिक इस्तीफा

0 जिला अध्यक्ष शशि सिंह की सफाई- ‘फर्जी साइन से इस्तीफा देने का पत्र
अंबिकापुर, सरगुजा के सूरजपुर जिले में कांग्रेस की नई जिला कार्यकारिणी की घोषणा के बाद पार्टी में अंतर्कलह खुलकर सामने आ गई है। कार्यकारिणी गठन के कुछ ही समय बाद असंतुष्ट 17 नेताओं ने सामूहिक रूप से अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने वालों में संयुक्त महामंत्री, महामंत्री और सचिव के अलावा पूर्व विधायक खेल साय सिंह की बहू भी शामिल हैं। इस पर सफाई देते हुए सूरजपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष शशि सिंह ने कहा है कि ‘फर्जी साइन से इस्तीफा देने का पत्र वयरल हो रहा है। मुझे अब तक इस्तीफा की कोई हार्ड कॉपी नहीं मिली है.

कांग्रेस कमेटी में बवाल पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष शशि सिंह ने कहा है कि उन्हें भी मोबाइल फोन के माध्यम से ही कुछ लोगों का इस्तीफा पत्र दिखाई दिया है. लेकिन उन्हें किसी ने पर्सनल व्हाट्सएप्प नहीं किया है. उन्होंने यह भी कहा कि इस्तीफा पत्र वायरल होने के बाद संबंधित पदाधिकारी से उन्होंने फोन पर बातचीत की. तब पता चला कि उन्होंने इस्तीफा पत्र में साइन नहीं किया है. यानी उनके नाम पर इस्तीफा पत्र बनाकर दूसरे व्यक्तियों के द्वारा इसे वायरल किया गया है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों के द्वारा जानबूझकर ऐसी स्थिति बनाई जा रही है, लेकिन जितने लोगों का इस्तीफा वाला पत्र उन्हें दिखाई दिया है, वह उन सभी से बात करेंगी. शशि सिंह ने बताया कि उन्हें अब तक इस्तीफा की कोई हार्ड कॉपी नहीं मिली है.
‘अजीत जोगी की पार्टी में काम करने वाले लोगों को मौका दिया’
सूरजपुर जिला कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी से इस्तीफा देने वालों में उपाध्यक्ष के अलावा अन्य कई पद में मनोनीत किए गए नेता शामिल हैं. वायरल इस्तीफा पत्र में कहा गया है कि सूरजपुर जिला कांग्रेस कमेटी में उन लोगों को शामिल किया गया है, जो आज से पहले दूसरे पार्टियों में हुआ करते थे. लेकिन उन्हें कांग्रेस में मौका दे दिया गया, जिन्होंने कांग्रेस को हराने का काम किया उन्हें पद से नवाजा गया है. इतना ही नहीं यह भी कहा गया है कि अजीत जोगी की पार्टी में काम करने वाले लोगों को कांग्रेस में मौका दिया गया है. बाहर से कांग्रेस के नेताओं को आयातित किया गया है और उनसे बिना सलाह मशवरा लिए कांग्रेस की टीम बनाई गई है. वहीं अन्य इस्तीफा देने वाले कुछ लोगों ने यह भी कहा है कि अपरिहार्य कारण से अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं.
कांग्रेस में गुटबाजी नहीं रूक रही!
वहीं दूसरी तरफ जिला अध्यक्ष शशि सिंह भूपेश बघेल और अमरजीत भगत के गुट की मानी जाती है और राहुल गांधी की करीबी मानी जाती हैं, क्योंकि उनकी न्याय यात्रा में शामिल हुई थी. वहीं जब कांग्रेस ने उन्हें सरगुजा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए टिकट दिया था तब भी उनके प्रचार के समय गुटबाजी दिखाई दी थी, इसके बाद शशि सिंह को लोकसभा चुनाव में भी हार का सामना करना पड़ा था. अब जब वह जिला अध्यक्ष बन गई हैं तब भी उन्हें पार्टी के भीतर चल रहे खींचतान का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि जिला अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने पार्टी के सभी नेताओं से मुलाकात की थी और आशीर्वाद लिया था. उन्होंने भूपेश बघेल के अलावा पूर्व उपमुख्यमंत्री TS सिंह देव से भी मुलाकात की थी. लेकिन शायद इसका कोई असर नहीं हुआ और भीतरखाने में गुटबाजी अभी भी है
पदाधिकारियों के इस्तीफे में इन कारणों का उल्लेख:
- द्वारिका प्रसाद राजवाड़े – एसईसीएल में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत होने के कारण कार्य करने में असमर्थ।
- भावना सिंह – अपरिहार्य कारणों से इस्तीफा।
- विजेंद्र गोयल – कार्यकारिणी में ऐसे लोगों को शामिल किए जाने पर नाराजगी जो कांग्रेस के प्राथमिक सदस्य नहीं हैं और चुनाव में निष्क्रिय रहे या पार्टी के खिलाफ काम किया।
- पवन दीवान – कांग्रेस की सदस्यता लिए बिना कुछ लोगों को महत्वपूर्ण पद दिए जाने पर नाराजगी।
- सरिता सिंह – वरिष्ठ नेताओं से सलाह लिए बिना अनुभवहीन लोगों को पदाधिकारी बनाए जाने पर असंतोष।
- सरोज मानिकपुरी – इंटक में पदाधिकारी होने के बावजूद इस्तीफा।
- अन्य पदाधिकारियों ने भी अलग-अलग कारणों का हवाला दिया।



