रांची, झारखंड की राजधानी रांची में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विधानसभा घेराव करने पहुंचे छात्रों को रोकने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई. छात्रों के लगातार आगे बढ़ने और बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया. इसके बाद प्रदर्शनकारी छात्रों की ओर से पुलिस की तरफ जूते-चप्पल फेंके जाने लगे.
घटनाक्रम के बाद मौके पर तनाव बढ़ गया है और पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है. विधानसभा घेराव के लिए आगे बढ़ रहे छात्र अब विधानसभा के बेहद करीब पहुंच गए हैं. प्रदर्शनकारी छात्रों का बड़ा जत्था विधानसभा के मुख्य गेट से महज कुछ दूरी पर मौजूद है. छात्र लगातार अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी कर रहे हैं, वहीं मौके पर पुलिस की भारी तैनाती के बीच सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.
झारखंड में छात्रों के विधानसभा घेराव के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई. छात्रों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई. जगन्नाथ मंदिर के पास पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर आंसू गैस के गोले छोड़े. पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए टियर गैस का इस्तेमाल किया. इसके बाद मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई. प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया. पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है. हालात को काबू में करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया है. छात्र अपनी मांगों को लेकर विधानसभा घेराव के लिए आगे बढ़ रहे थे. पुलिस उन्हें आगे जाने से रोक रही थी. इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया.
एसपी का बयान
इस बीच मामले को लेकर एसपी की ओर से भी बयान सामने आया है. विधानसभा घेराव के लिए निकले छात्रों ने कई जगहों पर पुलिस की बैरिकेडिंग का सामना किया। जगन्नाथपुर मंदिर के पास प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग खोलनी शुरू कर दी और उसे हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
वाटर कैनन के सामने डटे रहे प्रदर्शनकारी
छात्रों के आगे बढ़ने की कोशिश के बीच पुलिस ने वाटर कैनन से पानी की बौछार शुरू कर दी। तेज पानी के दबाव के बावजूद कई छात्र मौके पर डटे रहे। इसी दौरान कुछ छात्रों ने पानी की धार के बीच रेन डांस कर विरोध का अलग अंदाज दिखाया।
फूल लेकर पहुंचे छात्र, कहा- शांतिपूर्ण है आंदोलन
प्रदर्शन स्थल पर कुछ छात्र टोकरी में फूल लेकर भी पहुंचे। उनका कहना था कि वे सरकार के सामने अपनी मांगें शांतिपूर्ण तरीके से रखना चाहते हैं। छात्रों की मुख्य मांगों में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच और परीक्षा रद्द करने समेत अन्य मांगें शामिल हैं।
सदन में सुदिव्य सोनू का विपक्ष पर हमला
उधर, विधानसभा के भीतर JPSC-JSSC विवाद को लेकर मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने सरकार और छात्रों के बीच हुई वार्ता का ब्यौरा दिया। उन्होंने दावा किया कि बातचीत में अधिकांश मुद्दों पर सहमति बन गई थी, लेकिन दो बिंदुओं पर सहमति नहीं बन सकी।
मंत्री ने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन वापस लेना चाहते थे, लेकिन भाजपा नेताओं ने आंदोलन को प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन को ‘हाइजैक’ कर लिया है और टकराव की स्थिति पैदा करने की कोशिश की जा रही है। भाजपा नेताओं और विधायकों को हिरासत
इधर, छात्रों के समर्थन और मुख्यमंत्री आवास घेराव के लिए पहुंचे भाजपा नेताओं और विधायकों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। पुलिस उन्हें बसों के जरिए खेलगांव स्टेडियम लेकर पहुंची। विपक्षी नेताओं की हिरासत के चलते भाजपा के कई विधायक विधानसभा की कार्यवाही में शामिल नहीं हो सके।
भाजपा नेता की तबीयत बिगड़ने की सूचना
मुख्यमंत्री आवास घेराव के दौरान भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रसाद को चोट लगने की जानकारी सामने आई। उन्हें हिरासत में लेकर खेलगांव ले जाने के बाद एंबुलेंस बुलाई गई और डॉक्टरों की टीम ने उनकी जांच की।
भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या गरजे
भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने रांची में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के विरोध प्रदर्शन पर कहा, “झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के ऊपर जो लाठीचार्ज हुआ, मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं. पिछले कई सालों से झारखंड में हो रहे JPSC के अव्यवहार के प्रति वहां युवा आवाज उठा रहे हैं. जैसे ही विधानसभा घेराव शुरू हुआ, राहुल गांधी द्वारा समर्थित सरकार ने युवाओं के ऊपर घोर लाठीचार्ज शुरू किया. यहां राहुल गांधी सदन बाधित करके केंद्र सरकार से जवाब मांग रहे हैं और वहां उन्हीं की समर्थित सरकार युवाओं पर लाठीचार्ज कर रही है, युवाओं पर पानी फेंक रही है. मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि क्या आपकी मांग एकतरफा है?… क्या झारखंड के छात्रों को न्याय नहीं चाहिए?…”
हेमंत सोरेन कैबिनेट के मंत्री क्या बोले?
ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा मुख्यमंत्री के दिशा निर्देश में छात्रों से वार्ता हो रही है. वार्ता में लगभग सभी बाते मान ली गई हैं, छात्रों द्वारा जो प्रमुख मांगों में से सीजीएल परीक्षा पर गतिरोध बना रहा है, सीबीआई से जांच की मांग उन्होंने रखा. साथ ही हम लोगो में कहा कि सीआईडी से जांच चल रही है कई गिरफ्तारी हुई हैं. जांच में अगर पुख्ता बातें आएंगी तो उस पर संज्ञान लिया जाएगा. परीक्षा रिफॉर्म को लेकर छात्रों ने कहा तो हम लोगों ने कहा इस पर आश्वासन सरकार की ओर से दिया गया. हम लोगों की मंशा थी कि जब छात्रों से वार्ता हो रही है तो उग्र होकर आंदोलन करने की जरूरत क्या है.







