IAS;राप्रसे के 7 अफसरों को आईएएस अवार्ड,छत्तीसगढ के इतिहास में पहली बार नायब तहसीलदार से IAS बने पंचभाई, दो सगे भाई, दो ओएसडी को भी अवार्ड - thepatrakar
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IAS;राप्रसे के 7 अफसरों को आईएएस अवार्ड,छत्तीसगढ के इतिहास में पहली बार नायब तहसीलदार से IAS बने पंचभाई, दो सगे भाई, दो ओएसडी को भी अवार्ड

रायपुर, छत्तीसगढ़ के राज्य सेवा के सात अधिकारियों को आईएएस बनाया गया हैं। इस संबंध में भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय (कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग) ने गजट अधिसूचना जारी की है। इसमें छत्तीसगढ़ राज्य सिविल सेवा के सात अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा आईएएस में नियुक्त करने की घोषणा की है। यह नियुक्ति वर्ष 2024 की चयन सूची के तहत की गई है। वहीं पहली बार नायब तहसीलदार से पदोन्नत होकर राज्य प्रशासनिक सेवा में आए और फिर अब आईएएस बने। आईएएस बने 2013 बैच के सुमित अग्रवाल एवं संदीप कुमार अग्रवाल सगे भाई है। तीर्थराअज अग्रवाल वनमंत्री केदार कश्यप के ओएसडी एवं आशीष कुमार टिकरिहा वित्तमंत्री ओपी चौधरी के ओएसडी है। लीना कोसम बस्तर में तैनात है। सौमिल रंजन चौबे अनुकम्पा नियुक्ति से राज्यप्रशासनिक सेवा में आए है। अभी वे हावर्ड में अध्ययनरत है।

अधिसूचना के अनुसार, भारतीय प्रशासनिक सेवा (भर्ती) नियम, 1954 तथा भारतीय प्रशासनिक सेवा (नियुक्ति द्वारा पदोन्नति) विनियम, 1955 के प्रावधानों के तहत इन अधिकारियों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की गई है। इन्हें 1 जनवरी 2024 से 31 दिसंबर 2024 के बीच उत्पन्न रिक्तियों के विरुद्ध चयनित किया गया है।

नायब तहसीलदार से IAS बनने वाले पहले अधिकारी

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के रहने वीरेंद्र बहादुर पंचभाई का जीवन संघर्ष और मेहनत की मिसाल है। वहीं उनकी काम के प्रति वफादारी का परिणाम है कि राज्य बनने के बाद पहली बार कोई नायब तहसीलदार रैंक का अधिकारी आईएएस तक पहुंचा हो। वीरेंद्र बहादुर पंचभाई मध्यप्रदेश के समय पीएससी से नायब तहसीलदार के पद पर चयनित हुए थे। विभागीय पदोन्नति में पंचभाई राज्य प्रशासनिक सेवा में आए और इसके बाद अब उन्हें आईएएस कैडर अवार्ड किया गया है। अविभाजित मध्य प्रदेश में भी अभी तक सिर्फ एक नायब तहसीलदार पद पर नियुक्त अधिकारी को आईएएस अवार्ड हुआ था

पंच भाई कौन है?

वीरेंद्र बहादुर पंचभाई 1993 में नायब तहसीलदार के पद पर चयनित हुए थे। वे कई साल तक अभनपुर में नायब तहसीदार और तहसीलदार रहे। इसके बाद 2010 वे राज्य प्रशासनिक सेवा में प्रमोट हुए। अभी वो नारायणपुर में अपर कलेक्टर हैं। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा विचारपुर नवागांव और नादगांव से हासिल की। वहीं उच्च शिक्षा राजनांदगांव से प्राप्त की है। वीरेंद्र बहादुर की पहली सरकारी नौकरी सहायक प्राध्यापक के पद पर हुई। इसके बाद 1993 में (अविभाजित मध्यप्रदेश काल) आरक्षित कोटे से नायब तहसीलदार पर पर चयन हुआ। वो अभनपुर के बाद 2010 वे राज्य प्रशासनिक सेवा में प्रमोट हुए।

इन अधिकारियों का आईएएस के लिए हुआ अवार्ड

तीरथराज अग्रवाल
लीना कोसम
सौमिल रंजन चौबे
बीरेंद्र बहादुर पंचभाई
सुमित अग्रवाल
संदीप कुमार अग्रवाल
आशीष कुमार टिकरिहा

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